इन्दौर. कपास की गिरती हुई कीमतों से किसान परेशान हो गए हैं। पिछले सीजन के मुकाबले इस बार कपास के दाम करीब 22 फीसदी घट गए हैं। एक्सपोर्ट डिमांड भी कम है और अब किसान एमएसपी बढ़ाने की मांग भी कर रहे हैं।

पिछले साल इसी सीजन में कपास के दाम 42,000 रुपये प्रति क्विंटल थे जो इस साल गिरकर 32,500-33,000 रुपये प्रति क्विंटल के बीच रह गए हैं जिसका सीधा असर कपास की मंडियो में दिख रहा है। सौराष्ट्र की मंडियों में जहां रोज 10,000 क्विंटल कपास की आवक होती थी वो आज केवल 6000 क्विंटल ही रह गई है यानि पहले से 40 फीसदी कम। अपने नुकसान की भरपाई के लिए किसान अब एमएसपी बढ़ाने और तत्काल राहत पैकेज देने की मांग कर रहे हैं।

कपास का उत्पादन इस साल भी करीब-करीब पिछले साल जितना ही है। पिछले साल 4 करोड़ गांठ का उत्पादन हुआ था और इस साल करीब 3 करोड़ 90 लाख गांठें उपजने का अनुमान है। लेकिन एक्सपोर्ट काफी घट गया है जिसका सीधा असर कपास की कीमतों पर पड़ा है। बाजार के जानकार भी कह रहे हैं कि इस साल कपाल एक्सपोर्ट पिछले साल का आधा भी नहीं होगा।

बाजार के जानकारों के मुताबिक कपास की कीमतें यहां से ज्यादा नीचे गिरती नहीं दिख रही है लेकिन अगर सरकार एमएसपी बढाती भी है तो भी एक्सपोर्ट में जिस तरह से गिरावट देखने को मिली है उसे देखते हुए भारत में कपास का रिजर्व काफी रहेगा. पिछले वर्ष के मुकाबले करीब 25 फीसदी ज्यादा एंडिंग स्टॉक भारत में रहेगा।

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