नई दिल्ली.चीन की ओर से सुस्त मांग के कारण भारत से अभी तक 45 लाख गांठ कपास का ही निर्यात किया गया है।

भारतीय कपास निगम (सीसीआई) के एक अधिकारी ने मंगलवार को कहा कि सितंबर में समाप्त होने वाले चालू कपास विपणन वर्ष में कुल निर्यात पिछले वर्ष से 29 प्रतिशत घटकर 70 लाख गांठ रहने की संभावना है। भारत दुनिया का सबसे बड़ा कपास उत्पादक और दूसरा सबसे बड़ा निर्यातक है।

भारत से पिछले फसल वर्ष (अक्टूबर-सितंबर) में कुल कपास निर्यात 99 लाख गांठ था। सरकारी उपक्रम भारतीय कपास निगम (सीसीआई) के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, अभी निर्यात की कोई संभावना नहीं है क्योंकि कोई मांग नहीं है। हमने करीब 45 लाख गांठ निर्यात किया है। मुझे नहीं लगता कि इस फसल वर्ष में 70 लाख गांठ से अधिक का निर्यात हो सकेगा।

कपास की एक गांठ 170 किलोग्राम की होती है। अधिकारी ने कहा कि विश्व में कपास के अधिक स्टॉक और चीन की मांग में भारी गिरावट के कारण निर्यात में कमी आई है। वैश्विक निकाय, अंतरराष्ट्रीय कपास परामर्शक समिति ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि कपास के भारी स्टॉक के कारण अंतरराष्ट्रीय कपास की कीमतों पर दबाव पड़ा है जो औसतन 68 से 70 सेन्ट प्रति पौंड है।

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