8cpr3भोपाल,8 मार्च. चिकित्सा एवं अभियांत्रिकी के पाठ्यक्रम नहीं केवल उनकी भाषा बदलना है. इससे पाठ्यक्रम की गुणवत्ता में कोई अंतर नहीं पड़ेगा. उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री उमाशंकर गुप्ता ने यह बात चिकित्सा एवं अभियांत्रिकी पाठ्य सामग्री लेखन कार्यशाला के समापन पर कही.

गुप्ता ने कहा कि पुस्तकों के अनुवाद में नेशनल ट्रांसलेशन मिशन का भी सहयोग लें. उन्होंने कहा कि वर्तमान में चिकित्सा एवं अभियांत्रिकी पाठ्यक्रम की हिन्दी में उपलब्ध पुस्तकों की सूची बनायी जाये. इसके बाद जिन पुस्तकों का अनुवाद नहीं हुआ है, उनका चयन करें. गुप्ता ने कहा कि सभी पुस्तकों का अनुवाद एक साथ नहीं कर वर्षवार करें. सबसे पहले चिकित्सा शिक्षा के प्रथम वर्ष के पाठ्यक्रम एनॉटामी और फिजियोलॉजी का अनुवाद करवायें.

खुलेंगे व्यक्तित्व विकास प्रकोष्ठ
उन्होंने कहा कि मेडिकल कॉलेज में भी व्यक्तित्व विकास प्रकोष्ठ खोले जायें. इस पर आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय के कुलपति डी.पी. लोकवानी ने कहा कि इस संबंध में तुरन्त कार्यवाही करेंगे. लोकवानी ने विभिन्न चरण में किये जाने वाले कार्यों की जानकारी दी.

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