अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त होगी हमीदिया की कैथ लैब

  • आधा हो सकता है एंजियोप्लास्टी पर खर्च

नवभारत न्यूज भोपाल,

राजधानी के हमीदिया अस्पताल में कुछ महीनों में जल्द ही एंजियोग्राफी और एंजियोप्लास्टी शुरू होने जा रही है. इस सुविधा के शुरू होने से हृदय रोग से ग्रसित मरीजों को काफी कम दाम में हृदय रोग का उपचार मिल सकेगा.

वर्तमान में वैसे तो हमीदिया में कई हृदय रोग विशेषज्ञ हैं पर अभी वे हृदय रोगियों को सिर्फ परामर्श देने का ही कार्य कर पा रहे हैं, जिससे हृदय रोगी एंजियोग्राफी व एंजियोप्लास्टी के लिये निजी अस्पताल में इलाज करवा रहे हैं.

निजी अस्पतालों में एंजियोग्राफी व एंजियोप्लास्टी पर सवा लाख से डेढ़ लाख रुपये खर्च आता है जो हमीदिया में सुविधा शुरू होने के बाद आधा हो जायेगा एवं गरीबी रेखा के नीचे वालों के लिये नि:शुल्क रहेगा.

ज्ञात हो कि हमीदिया अस्पताल की दोनों कैथलैब दो साल से खराब पड़ी है. वहीं दूसरी तरफ 11 साल पुरानी ईको मशीनें जिन्हें कंडम घोषित किया जा चुका है, जिसकी वजह से हमीदिया के कार्डियोलॉजिस्ट इलाज करने में असमर्थ हैं और सिर्फ परामर्श दी दे पा रहे हैं.

एचएलएल लाइफ केयर लिमिटेड की ओर से देश के कुछ अस्पतालों के लिये 50 कैथ लैब खरीदी जा रही है. हमीदिया अस्पताल के लिये भी इन्हीं के साथ मशीनें खरीदी जायेंगी. टेंडर प्रक्रिया में लगने वाले समय से बचने के लिये ये खरीदी की जा रही है.

वहीं कैथ लैब से जुड़े अन्य सामान की खरीदी के लिये हमीदिया अस्पताल को एक करोड़ रुपये शासन की ओर से स्वीकृत किये जा चुके हैं. इस राशि से दो ईको मशीनें एवं अन्य उपकरणों की खरीदी की जायेगी.

प्राप्त जानकारी के अनुसार नई कैथ लैब स्टेट ऑफ आर्ट होंगी. उनमें अत्याधुनिक सुविधायें जैसे कि 3-डी ईमेन, शरीर के किसी भी अंग को बड़ा करके देखने की सुविधा आदि होगी. इसी तरह से नई ईको मशीनों में भी कलर डाप्लर एवं बच्चों का ईको करने समेत सभी तरह की सुविधायें होंगी.

इन सुविधाओं के शुरू होने से हार्ट की आर्टरी में ब्लाकेज की जांच एनजियोग्राफी से आर्टरीज के ब्लाकेज खोलने की प्रक्रिया एंजियोप्लास्टी से, दिल की धड़कन बढ़ाने के लिये पेसमेकर लगाने एवं हार्ट की सर्जरी कराने वाले मरीजों के लिये ईको कार्डियोग्राफी की सुविधा मरीजों को मिल सकेगी.

कैथ लैब की खरीदी की प्रक्रिया को शुरू किया जा चुका है. लगभग तीन माह का समय लगेगा सुविधाएं शुरू होने में.
डॉ. एम.सी. सोनगरा, डीन
गांधी मेडिकल कॉलेज भोपाल

 

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