RBIमुंबई,  करेंसी वायदा में अब आरबीआई भी दखल देगा। अब तक आरबीआई हाजिर और फॉरवर्ड बाजार में ही दखल देता था। दरअसल बड़े उतार-चढ़ाव रोकने के लिए आरबीआई के पास अब खरीद- बेच का अधिकार होगा।

इसके अलवा एसडीआर का गलत इस्तेमाल नहीं हो इसलिए आरबीआई एसडीआर के नियमों में बदलाव कर सकता है इसके लिए आरबीआई कंपनियों के एसडीआर पर नजर बनाए हुए है। साथ ही आरबीआई पेनाल्टी के तौर पर पुरानी तारीख से प्रोविजनिंग का नियम लागू कर सकता है। स्ट्रैटेजिक डेट रीस्ट्रक्चरिंग, सीडीआर के नाकाम होने पर इस्तेमाल होता है जिसमें कर्ज को इक्विटी में बदला जाता है।

इस मुद्दे पर बात करते हुए जियोजित कॉमट्रेड के हेमल दोशी ने कहा कि अभी ये कहना मुश्किल होगा की आरबीआई की इस पहल से करेंसी मार्केट पर क्या प्रभाव पड़ेगा। हो सकता है कि आरबीआई अपनी अगली पॉलिसी के पहले अपने सभी इंस्ट्रूमेंट दुरुस्त कर रहा हो जिससे की आरबीआई पॉलिसी के बाद अगर करेंसी बाजार में कुछ अप्रत्याशित उतार-चढ़ाव हो तो उसको नियंत्रित किया जा सके।

हेमल दोशी का कहना है कि अभी रुपये को 67 के स्तर पर काफी अच्छा सपोर्ट है। अगर ये सपोर्ट टूटता है तभी रुपये में और गिरावट होगी। यूएस फेड के फैसले के आने तक रुपया 66.50-67 रुपये के दायरे में कारोबार करता रहेगा।

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