मागों को लेकर कर्मचारी लामबंद

भोपाल,

बरकतउल्ला विश्वविद्यालय द्वारा 31 मार्च से 14 मई तक आयोजित होने वाली स्नातक प्रथम वर्ष की परीक्षा को लेकर संसय बरकरार है.

अखिल भारतीय विश्व विद्यालयीन गैर शिक्षक फेडरेशन के वैनर तले बीयू के सभी कर्मचारी अपनी 19 सूत्रीय मागों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं, ऐसे में परीक्षा का आयोजन करा पाना विश्वविद्यालय प्रशासन के लिए मुश्किल दिख रहा है. इसका असर शिक्षण सत्र पर पड़ सकता है तथा परीक्षाओं की तारीख आगे बढ़ाई जा सकती है.

सातवें वेतनमान एवं दैनिक वेतन भोगी सहित 19 सूत्रीय मांगों को लेकर प्रदेशभर के गैर शिक्षक विश्वविद्यालयीन कर्मचारी कार्य का बहिष्कार करते हुए बीयू परिसर में अनशन पर बैठे हैं.

कर्मचारी अपनी मागों को लेकर प्रांतीय अध्यक्ष राकेश सिंह गुर्जर के नेतृत्व में उच्च शिक्षा मंत्री जयभान सिंह पवैया से मुलाकात कर चुके हैं तथा पवैया ने उनकी दो मागों सातवे वेतनमान लागू करने एवं देनिक वेतन भोगी कर्मचारियों के नियमितीकरण का लिखित में आश्वासन मौखिक में 18 मार्च को दिए थे.

उन्होंने कहा था कि 20 से दिनों के अंदर इन मागों को पूरा कर दिया जाएगा, लेकिन अभी तक कोई आदेश नहीं मिला है. अनशन कारी कर्मियों से यह पूछे जाने पर कि क्या दो मांगे पूरी हो जाने पर हड़ताल खत्म कर दी जाएगी, तो उन्होंने कहा कि कर्मचारी संघ की बैठक में इसका निर्णय लिया जाएगा.

अहिल्या देवी विश्वविद्यालय इंदौर में 30 मार्च को दीक्षांत समारोह का आयोजन किया जा रहा है. इसमे राज्यपाल आनंदी बेन पटेल शामिल होंगी, लेकिन कर्मचारियों की हड़ताल की वजह से दीक्षांत समारोह भी प्रभावित हो सकता है.

जब तक मागों को पूरा करने का लिखित में आदेश नहीं मिल जाता है हम अपना अनिश्चित काली काम रोकों आंदोलन जारी रखेंगे. जहां तक आगामी परीक्षाओं का सवाल है इसकी चिंता विश्व विद्यालय प्रशासन को करनी चाहिए.
-लखन सिंह परमार,
प्रांतीय महासचिव कर्मचारी संघ

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