पंजीयन के लिये 21 को होंगी विशेष ग्रामसभायें

  • गेहूँ खरीदी और भावांतर भुगतान

भोपाल,

मुख्यमंत्री शिवाराज सिंह चौहान ने निर्देश दिये हैं कि समर्थन मूल्य पर गेहूँ खरीदी और भावांतर भुगतान योजना में किसानों को किसी भी तरह की दिक्कत नहीं होने चाहिये. इसमें किसानों के पंजीयन की विकेन्द्रीकृत व्यवस्था करें जिससे उन्हें कोई परेशानी नहीं हो.

किसानों तक यह जानकारी पहुँचे कि वे अपनी उपज आगामी 15 जुलाई तक बेच सकते हैं. तब तक भण्डार गृह में रख सकते हैं. उपज को भण्डार गृह में रखने का किराया सरकार देगी और किसान जरूरत होने पर 25 प्रतिशत तक का ऋण ले सकते हैं जिसका ब्याज भी सरकार भरेगी. भावांतर भुगतान योजना के पंजीयन के लिये आगामी 21 मार्च को विशेष ग्रामसभा आयोजित की जायेंगी. साथ ही सत्यापन की कार्रवाई पूरी की जाये.

मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि किसानों को गेहूँ के समर्थन मूल्य 1735 रूपये प्रति क्विंटल के अलावा मुख्यमंत्री किसान समृद्धि योजना में उनके खातों में 265 रूपये प्रति क्विंटल के मान से अलग से प्रोत्साहन राशि जमा की जायेगी. यदि किसान मंडी में भी अपना गेहूँ बेचता है तो भी यह प्रोत्साहन राशि दी जायेगी. इसके साथ ही पिछले वर्ष बेचे गये गेहूँ और धान पर भी दो सौ रूपये प्रति क्विंटल प्रोत्साहन राशि दी जायेगी.

चौहान ने कहा कि भावांतर भुगतान योजना राज्य सरकार की अदभुत महत्वाकांक्षी योजना है. सभी संभागायुक्त इसकी मॉनिटरिंग करें. इसके क्रियान्वयन में किसानों को दिक्कत आती है तो संबंधित जिला कलेक्टर को जिम्मेदार माना जायेगा. सात दिन बाद इसकी पुन: समीक्षा भी की जायेगी. उन्होंने कहा कि चना, मसूर एवं सरसों की खरीदी 26 मार्च से शुरू होगी, इसकी भी पूरी व्यवस्था की जाये.

हर जिले में होंगे श्रमिक सम्मेलन

  • असंगठित श्रमिकों के पंजीयन का 1 अप्रैल से चलेगा अभियान

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये है कि असंठित श्रमिकों के पंजीयन के लिये आगामी एक से 14 अप्रैल के बीच अभियान चलायें. इसमें कोई भी पात्र श्रमिक छूटे नहीं. आगामी 16 अप्रैल से 15 मई के बीच सभी जिलों में श्रमिक सम्मेलन आयोजित किये जायेंगे.

इन सम्मेलनों में पात्र श्रमिकों को कल्याणकारी योजनाओं विशेष रूप से प्रधानमंत्री आवास योजना, पट्टा वितरण, उज्जवला योजना, ई-रिक्शा, हाथ ठेला, शिक्षा सहायता, चिकित्सा सहायता, प्रसूति सहायता आदि योजनाओं का लाभ दिया जायेगा. साथ ही उन्हें कल्याण के योजनाओं की जानकारी भी दी जायेगी. इन सम्मेलनों की बेहतर व्यवस्थायें की जाये.

मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रमिकों के कल्याण के लिये ऐतिहासिक योजनायें बनाई गयी हैं. इन योजनाओं का लाभ पंजीकृत मजदूरों को ही मिलता है. इसलिये पंजीयन का कार्य शिविर लगाकर पूरी पारदर्शी तरीके से किया जाये. पंजीयन की प्रक्रिया आसान हो इसमें श्रमिकों को परेशानी नहीं होना चाहिये.

उन्होंने स्पष्ट किया है कि ऐसे श्रमिकों को जिनकी उम्र 18 से 60 वर्ष के बीच हो. जो आयकर दाता नहीं हो, शासकीय सेवा में नहीं हो तथा दो हेक्टेयर से अधिक भूमिधारक नहीं हो वे सभी असंगठित श्रमिक माने जायेंगे. पंजीयन नि:शुल्क होगा जो पाँच वर्ष तक के लिये वैध माना जायेगा.

चौहान ने कहा कि मध्यप्रदेश में किसानों और श्रमिकों के हित में अदभुत और अभूतपूर्व योजनायें बनाई गई हैं. इन ऐतिहासिक योजनाओं के क्रियान्वयन पूरी क्षमता और निष्ठा के साथ किया जाये. जिससे संबंधितों को इनका समुचित लाभ मिल सके. इसमें किसी भी तरह की शिथिलता सहन नहीं की जायेगी.

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