mp1भोपाल,  मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज यहाँ मंत्रालय में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की समीक्षा के साथ विभागीय समीक्षा बैठकों की श्रंखला की शुरूआत की.चौहान ने स्पष्ट निर्देश दिये कि ग्रामीण लोगों के कल्याण की योजनाओं के क्रियान्वयन में विलम्ब करने वाले और लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जायेगी.

इंदिरा आवास योजना की प्रगति पर असंतोष जाहिर करते हुए श्री चौहान ने इसमें सुधार करने की जरूरत बताई.उन्होंने कहा कि इंदिरा आवास कुटीरों का भौतिक सत्यापन करना जरूरी है.इसके लिये राज्य स्तर से निरीक्षण दल भेजे जायेंगे.उन्होंने आवास निर्माण कार्य की कलेक्टरों द्वारा निगरानी रखने और जिला एवं जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों की जिम्मेदारी तय करने के निर्देश दिये.

आवास निर्माण में तेजी लायें
मुख्यमंत्री ने एक ही हितग्राही एवं आवास इकाई की फोटो भुगतान के लिये उपयोग में लाने से संबंधित फीडबेक मिलने पर कहा कि ऐसे अधिकारियें की जिम्मेदारी निर्धारित कर उन्हें निलंबित करें और गंभीर अनियमितता पर सेवा से निकाल दें.उन्होंने कहा कि ऐसे कृत्यों से योजनाएँ पिछ? जाती हैं और सरकार की भी साख गिरती है.उन्होंने संबंधित अधिकारियों को सघन मैदानी दौरे शुरू करने के निर्देश दिये.

मुख्यमंत्री अंत्योदय आवास योजना में तेजी लाने के निर्देश देते हुए उन्होंने कहा कि 28 लाख आवासहीन परिवारों को आवास सुविधा उपलब्ध करवायें.हितग्राहियों को आवास मेले लगाकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के हर घर को आवास देने के सपने को साकार करें.

इसमें मध्यप्रदेश का विशेष योगदान होगा.उन्होंने कहा कि जिन जिलों में इस योजना में प्रगति कम हुई है उसमें संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय करें.