kashmirश्रीनगर,  कश्मीर घाटी में अलगाववादी संगठनों द्वारा अात्मनिर्णय के अधिकार की मांग और सुरक्षाबलों की कार्रवाई में नागरिकों के मारे जाने के विरोध में आहूत हड़ताल के कारण आज लगातार 60 वें दिन जनजीवन प्रभावित रहा । अधिकारियों ने बताया कि श्रीनगर सहित कश्मीर घाटी के किसी भी हिस्से में आज कर्फ्यू नहीं लगा है लेकिन जमीनी हकीकत पूरी तरह अलग है,विशेषकर पुराने इलाके और शहर-ए-खास क्षेत्र में ।

अमीरा कादल पुल सहित सिविल लाइंस की सड़कों को कंटीली तारों से बंद कर दिया गया है। हुर्रियत कांफ्रेंस के दोनों धड़ों अौर जम्मू-कश्मीर लिबरेशन फ्रंट (जेकेएलएफ) ने सुरक्षाबलों की कार्रवाई में अब तक 75 लोगों के मारे जाने और कम से कम सात हजार लोगों के घायल होने के विरोध में संयुक्त रूप से कश्मीर घाटी में प्रदर्शन का आह्वान किया था । अलगाववादियों ने दिल्ली से आये सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल से बातचीत करने से इनकार कर दिया था।

उसने हड़ताल का अाह्वान किया था अौर महिलाओं को शांतिपूर्वक प्रदर्शन करने, एकत्र होने और स्थानीय चौक और उससे संबंधित इलाकों पर कब्जा करने को कहा था । हालांकि शाम छह बजे से लेकर कल सुबह छह बजे तक हड़ताल में छूट दी गयी है । पुलिस ने बताया कि राजधानी श्रीनगर सहित कश्मीर घाटी के किसी भी हिस्से में कर्फ्यू लागू नहीं है।

हालांकि यहां पर लोगों के जुटने और कानून-व्यवस्था की स्थिति बनाये रखने के लिए आपराधिक दंड संहिता (सीआरपीसी) की धारा 144 लागू है । हरी सिंह हाईस्ट्रीट को लाल चौक से जोड़ने वाले अमीरा कादल पुल को दोनों तरफ से कंटीली तारों से बंद कर दिया गया है । एेतिहासिक लाल चौक की तरफ जाने वाली सभी सड़कों को बंद कर दिया गया है।

हालांकि पैदल यात्रियों को छोटे रास्तों से जाने की अनुमति दी गयी है। इसी तरह, जेकेएलएफ का मजबूत गढ़ माने जाने वाले मैसुमा की तरफ सभी सड़कों को बंद कर दिया गया है। इसी तरह बुदशाह चौक, हाजी मस्जिद, रेडक्रॉस रोड़ और गाव कादल की तरफ की सड़कों को भी बंद कर दिया गया है।

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