कश्मीर में सीमा पर पाकिस्तान से हो रही गोलाबारी और आतंकियों के खिलाफ सरकार बचाव और पलटवार की नीति को निर्णायक दौर में ले जा रही है. हिमपात की परवाह किये बिना कश्मीर घाटी में इस पार के और उस पार के दोनों के प्रकार के आतंकियों के खिलाफ सेना व अद्र्धसैनिक बलों को सफाया करने की कार्यवाहियां जोरों पर चल रही हैं.

बीच-बीच में सर्जिकल स्ट्राइक करके सीमा पार करके पाकिस्तान की सैनिक चौकियों व अड्डों पर हमले किये जा रहे हैं. अब तक कई नामी गिरामी आतंकी सरगनाओं के साथ-साथ लगभग 300 आतंकियों को ढेर किया जा चुका है. ऐसी कार्यवाहियों में भारत के पठानकोट एयर फोर्स बेस स्टेशन व सी.आर.पी.एफ. के केंपों पर भी हमले हो चुके हैं.

भारत की मोदी सरकार अपनी इस नीति पर दृढ़ है कि अब काश्मीर पर पाकिस्तान से कोई बात नहीं होगी. पाकिस्तान सरकार भारत की ‘बात बंद’ की नीति से काफी परेशानी महसूस कर रही है. सीमा पार से गोलाबारी व आतंकी हमलों से वह यह दबाव बनाना चाहता है कि भारत काश्मीर पर वार्ता के लिये तैयार हो जाए.

अमेरिका ने पाकिस्तान पर यह दबाव बनाया है कि वह अफगानिस्तान पर पाकिस्तान की सीमा से हो रहे आतंकी हमलों को रोके. उसने पाकिस्तान को 28 ऐसे आतंकियों की सूची सौंपी है जो अफगानिस्तान पर आतंकी हमले कर रहे हैं.

भारत अब पाकिस्तान से लगी सीमा पर भारी संख्या में 14,400 बंकरों का निर्माण करने जा रहा है. इन पर 415.73 करोड़ रुपयों की लागत आयेगी. केन्द्र ने सीमावर्ती राज्यों जम्मू-कश्मीर, पंजाब, राजस्थान की सरकारों से कहा है कि सीमा पर 5 किलोमीटर तक वे निर्माण के नियम तैयार करें और सीमा चौकियों के सबसे नजदीक के क्षेत्रों को प्राथमिकता दे.

सीमा पर काफी बंकर बने हुए हैं जहां गोलीबारी की स्थिति में नागरिक भी सुरक्षा के लिए आ जाते हैं और सेनाएं भी उनका उपयोग करती हैं. अब जो 14,400 नये बंकर पूरी सीमा रेखा पर बन रहे हैं उससे यह प्रगट होता है कि सरकार कश्मीर घाटी में अब बहुत ही जोरदार तैयारी करने जा रही है.

सीमा पर 700 नये ओ.पी. (ऑबजरवेशन पोस्ट) टावर लगाये जा रहे हैं जो 25-30 फीट ऊंचे हैं. वहां से 4 किलोमीटर तक दूरबीन से देखा जा सकेगा. यह समाचार भी आये हैं कि पाकिस्तान और चीन मिलकर दूसरी तरफ बंकरों का निर्माण कर रहे हैं.

इस समय पाकिस्तान पर एक तरफ अमेरिका की ओर से अफगानिस्तान में और भारत की तरफ से घाटी में आतंकियों को मिटाने पर काफी जोर है. भारत इस मामले में अब केवल कार्यवाही ही करने पर आमादा हो गया है. पाकिस्तान के विरुद्ध अमेरिका व भारत निर्णायक करने को तैयार हो गये है.

पाकिस्तान में अमेरिकी दबाव से भारत की ओर से की गयी सर्जिकल स्ट्राइक की वजह से भारी उथल-पुथल है. चीन पाकिस्तान के साथ चल रहा है और वह भी पाक आतंकवाद पर काफी चिंतित हो गया है कि अमेरिका व भारत आतंकी संदर्भ में पाकिस्तान के विरुद्ध कोई कड़ी कार्यवाही करते है तो उस समय पाकिस्तान में उसकी क्या भूमिका रहे और उसे क्या करना पड़ेगा.

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