sitaramनयी दिल्ली,  मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) ने अपना यह रूख दोहराया है कि कश्मीर समस्या के स्थाई समाधान के लिए अलगाववादी हुर्रियत नेताओं तथा पाकिस्तान के साथ बातचीत जरूरी है। माकपा के महासचिव सीताराम येचुरी ने कश्मीर से दो दिन के बाद लौटे सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल की आज यहां हुई बैठक में पार्टी का यह रूख दोहराया।

श्री येचुरी ने संवाददाताओं से कहा कि उनकी पार्टी का पहले से ही यह पक्ष रहा है कि कश्मीर समस्या के स्थाई समाधान के लिए अलगाववादी हुर्रियत नेताओं और पाकिस्तान से भी बातचीत की जानी चाहिए। श्री येचुरी बीस राजनीतिक दलों के उस 30 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल में शामिल थे जो चार और पांच सितम्बर को कश्मीर घाटी के दौरे पर था।

प्रतिनिधिमंडल ने इस दौरान जम्मू कश्मीर के राज्यपाल एन एन वोहरा और मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती के साथ-साथ राजनीतिक , सामाजिक और अन्य संगठनों के प्रतिनिधियों से घाटी में स्थिति सामान्य बनाने के बारे में विचार-विमर्श किया था और उनके सुझाव लिये थे।

अलगाववादी संगठन हुर्रियत कांफ्रेन्स ने सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात करने से इन्कार कर दिया था। श्री येचुरी तथा भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के सचिव डी.राजा ने अपनी ओर से हुर्रियत नेताओं से बातचीत करने की कोशिश की थी लेकिन उन्होंने मिलने से ही इनकार कर दिया था।

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