koiralaकाठमांडू,  सुशील कोइराला की मौत से नेपाली कांग्रेस में एक दरार पड़ गई है, क्योंकि कुछ वरिष्ठ नेता पूर्व प्रधानमंत्री एवं पार्टी अध्यक्ष की अस्वाभाविक एवं संदेहास्पद मृत्यु की जांच की मांग कर रहे हैं.

कोइराला के निधन के बाद सानेपाल स्थित पार्टी मुख्यालय में आयोजित पहली केंद्रीय कार्य समिति में देश की सबसे बड़ी पार्टी के शीर्ष निकाय के सदस्यों ने कोइराला की मौत पर पार्टी के नेतृत्व के साथ ही सरकार की चुप्पी पर भी असंतोष जताया.

उन्होंने कहा कि 79 वर्षीय कोइराला का नौ फरवरी को एक अस्वाभाविक एवं संदिग्ध तरीके से निधन हो गया. सीडब्ल्यूसी के वरिष्ठ सदस्य सूर्यमान गुरुंग ने बैठक में कहा कि पार्टी कोइराला की संदिग्ध मौत पर चुप्पी नहीं साध सकती. उन्होंने मामले की जांच की मांग की. उन्होंने कहा, लोगों ने शिकायत की है और मीडिया ने भी कोइराला की मृत्यु पर संदेह जताया है, इसकी सरकार एवं पार्टी द्वारा जांच होनी चाहिए.

उन्होंने मामले की जांच करने और रहस्य का जनता के सामने खुलासा करने के लिए एक जांच समिति गठित करने की भी मांग की. कोइराला के नजदीकी रिश्तेदार एवं सीडब्ल्यूसी के सदस्य शेखर कोइराला ने पार्टी के पदाधिकारियों से कहा कि वे उन संदेहों को स्पष्ट करें जो हो सकता है कि उनकी मौत से उठी हों.

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