भिंड,  मध्यप्रदेश की भिंड पुलिस द्वारा अटेर से कांग्रेस विधायक हेमंत कटारे को एक मारपीट मामले में फरार बताते हुए न्यायालय में चालान पेश करने के बाद राजनीति गर्मा गई है।

न्यायालय ने हालांकि चालान में कमी पाते हुए उसे वापस कर दिया। पूरे मामले में अब पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी पूरी जांच के बाद ही कुछ कहने की बात कर रहे हैं।

पुलिस अधीक्षक प्रशांत खरे ने बताया कि न्यायालय में चालान पेश हुआ था, लेकिन उसमें उनकी अनुमति नहीं ली गई। अटेर थाना प्रभारी की ओर से भी चालान पेश नहीं किया गया। अटेर अनुविभागीय अधिकारी पुलिस (एसडीओपी) इस मामले की जांच कर रहे थे। विधायक को किन तथ्यों से आरोपी बनाया है और चालान कैसे पेश किया गया, इसकी जांच करवाई जा रही है।

बताया जा रहा है कि पूरा मामला जिले के खेरी गांव में कल्याण सिंह जाटव से करीब तीन महीने पहले हुई मारपीट से जुड़ा है। मामले की जांच अटेर एसडीओपी इंद्रवीर सिंह भदौरिया कर रहे थे। विधायक श्री कटारे ने पिछले दिनों रेत के मामले में कथित लेनदेन का वीडियो वायरल होने पर अटेर एसडीओपी इन्द्रवीर सिंह को हटाने की मांग की थी। अब एसडीओपी ने जांच में विधायक श्री कटारे को सह आरोपी बनाया। साथ ही विधायक को फरार बताते हुए कल जिला न्यायालय के विशेष न्यायालय में चालान पेश करवा दिया।

एसडीओपी श्री भदौरिया को अटेर उप चुनाव के दौरान श्री कटारे की शिकायत के बाद दूसरे पुलिस अधिकारियों के साथ हटाया गया था, लेकिन चुनाव के बाद उन्हें दोबारा पदस्थ कर दिया गया था।

विधायक श्री कटारे ने कहा कि जिले में रेत माफिया पुलिस संरक्षण में नदियों को खोखला कर रहे है। अटेर एसडीओपी का भी रेत माफिया से पैसे लेते हुए एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसकी शिकायत आला अधिकारियों से करते हुए एसडीओपी को हटाने की मांग की गई। उन्होंने आरोप लगाया कि इसीलिए उन्हें झूठे मामले में फंसाकर आरोपी बनाया गया है, जिसकी उन्हें जानकारी भी नहीं है।

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