karnatakबेंगलुरु,  उच्चतम न्यायालय के आदेश के मुताबिक कर्नाटक सरकार की ओर से कावेरी नदी का पानी तमिलनाडु के लिए छोड़े जाने के खिलाफ कर्नाटक में आज आहूत बंद के कारण जनजीवन प्रभावित रहा। राज्य में एक हजार से ज्यादा संगठनों ने आज सुबह से शाम तक पूरे राज्य में बंद का आह्वान किया है।

अस्पताल, दवा दुकानों, दूध आपूर्ति और समाचारपत्र वितरण जैसी आवश्यक सेवाओं को बंद से बाहर रखा गया है। बंद के कारण अमूमन व्यस्त रहने वाली बेंगलुरु की सड़काें पर भी सन्नाटा पसरा दिखा।

राज्य भर की सड़कों से सार्वजनिक वाहन नदारद रहें अौर व्यापारिक प्रतिष्ठान, स्कूल एवं कॉलेज, सरकारी कार्यालयों, बैंक, सार्वजनिक और निजी क्षेत्र की आईटी कंपनियां, एपीएमसी बाजार और अन्य सभी सार्वजनिक उद्यम भी बंद रहें।

बंद के कारण अभी तक रेल और हवाई सफर पर कोई असर नहीं पड़ा है लेकिन हवाई अड्डों अौर रेलवे स्टेशनों पर कोई वाहन नहीं होने से यात्रियों को गंतव्य तक पहुंचने में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा।

उत्तरी कर्नाटक के कुछ जिलों में निजी बस संचालकों ने बसें चलाने की कोशिश की तो किसानों ने इसका विरोध करते हुए बसों पर पथराव किया जिसमें कुछ वाहन क्षतिग्रस्त हो गये।

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