modiनयी दिल्ली,  प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कावेरी जल बंटवारे पर उच्चतम न्यायालय के हाल के आदेश के बाद कर्नाटक और तमिलनाडु में उपजे हालात पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए वहां के लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है।

श्री मोदी ने आज एक बयान में कहा कि लोकतंत्र में समाधान संयम और परस्पर बातचीत के जरिए तलाशे जाते हैं। पिछले दो दिनों से कर्नाटक और तमिलनाडु में हिंसा और आगजनी की जो घटनाएं हुई हैं,उनका सीधा नुकसान गरीबों और देश को हो रहा है। इसके पहले जब भी देश में विषम परिस्थितियां आयीं ,दोंनों राज्याें ने संयम और संवेदनशीलता के साथ उनका सामना किया, ऐसे में उम्मीद की जाती है कि इस बार भी ये राज्य संयम का परिचय देते हुए अपनी जिम्मेदारियों का निर्वाह करेंगे ।

प्रधानमंत्री ने कहा कि वह आशा करते हैं कि दोनों राज्यों की जनता राष्ट्र हित और राष्ट्र निर्माण को अन्य बाताें से ऊपर रखते हुए हिंसा और विध्वंस काे नकार कर विवाद निबटाने के लिए शांति का रास्ता अपनाएगी। उन्हाेंने कहा कि किसी भी समस्या के समाधान के लिए कानून का उल्लंघन कभी भी सही विकल्प नहीं हो सकता ।

कर्नाटक से कावेरी नदी का पानी तमिलनाडु काे दिए जाने के उच्चतम न्यायालय के पांच सितंबर के आदेश के बाद से कर्नाटक और तमिलनाडु दोनों राज्यों में हिंसा भड़क गयी । हालांकि इसके मद्देनजर कल न्यायालय ने अपने पूर्व के आदेश में संशोधन कर कर्नाटक से तमिलनाडु को रोजाना 20 सितंबर तक 15 हजार क्यूसेक पानी के स्थान पर केवल 12 हजार क्यूसेक पानी देने का आदेश दिया है लेकिन इसके बावजूद हिंसा और आगजनी की घटनाएं कम नहीं हो रही हैं।

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