Solar_Impulse_2अबू धाबी, 10 मार्च. नया इतिहास रचने और विमानन क्षेत्र में मील का पत्थर बनाने के मकसद से अबू धाबी से रवाना हुआ सौर ऊर्जा संचालित विमान इसी हफ्ते काशी भी पहुंचेगा. विमान काशी में घाटों के ऊपर से उड़ान भरकर स्वच्छ उर्जा और गंगा स्वच्छता अभियान के प्रति लोगों को जागरूक करेगा.
विमान को भारत में केवल अहमदाबाद और वाराणसी में ही उतरना है. पहले यह विमान मंगलवार को अहमदाबाद में लैंड करेगा. यहां दो दिन रुकने के बाद वाराणसी के लिए रवाना होगा. विमान को दो चालक बर्टरैंड पिकार्ड और आंद्रे बार्शबर्ग चला रहे हैं.

सौर विमान ‘सोलर इंप्लस-2Ó की उड़ान के साथ ही नया इतिहास भी बनना शुरू हो गया है. विश्वव्यापी सफर के दौरान अमेरिका के हवाई, फोनिक्स व न्यूयॉर्क, दक्षिणी यूरोप और उत्तरी अफ्रीका का चक्कर काटता हुआ वापस अबु धाबी लौटेगा. यह पहली बार है जब बिना पारंपरिक ईंधन वाला कोई विमान इतनी लंबी उड़ान पर निकला है.

माना जा रहा है कि यह प्रयोग सफल रहा तो हवाई सफर की दुनिया में क्रांति आ जाएगी और जल्द ही सौर ऊर्जा से संचालित यात्री विमान बनाने की दिशा में कदम बढ़ते चले जाएंगे. सौर विमान की यह उड़ान वायुयान के पहले अविष्कार, अंतरिक्ष के पहले सफर और चांद पर मानव के पांव रखने जैसी ही महत्वपूर्ण मानी जा रही है.

अबु धाबी से सबसे पहले यह विमान 10 घंटे की यात्रा पूरी कर ओमान स्थित मस्कट और इसके बाद भारत की ओर रवाना होगा. पहले सोमवार को ही विमान को अहमदाबाद आना था लेकिन मौसम के कारण तय कार्यक्रम में एक दिन की देरी हो गई.

वाराणसी से उड़ाने भरने के बाद विमान चीन के शहर जाजिंग व नानजिंग के लिए उड़ान भरेगा.

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