parliamentनयी दिल्ली,  निर्भया कांड के बाद देश में बने माहौल के मद्देनजर लाये गये किशोर न्याय (देखरेख और संरक्षण) संशोधन विधेयक 2015 पर आज संसद ने अपनी मुहर लगा दी जिसमें जघन्य अपराधों के संदर्भ में वयस्क माने जाने की आयु 18 वर्ष से घटाकर 16 वर्ष करने का प्रावधान है ।

राज्यसभा ने करीब पांच घंटे की चर्चा के बाद मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के बहिर्गमन के बीच इसे ध्वनिमत से पारित कर दिया जबकि लोकसभा इसे पिछले सत्र में ही पारित कर चुकी है ।

कांग्रेस के राजीव गौड़ा ने राज्यसभा में विधेयक में एक संशोधन पेश किया जिसे सदन ने ध्वनिमत से नामंजूर कर दिया ।