विपक्षी कांग्रेस कानून व्यवस्था पर भी घेरेगी सरकार को

  • ओलावृष्टि पर स्थगन लाने की तैयारी

नवभारत न्यूज भोपाल,

मप्र विधानसभा का यह बजट सत्र किसानों के मुद्दे पर गरमा सकता है. समझा जा रहा है कि ओला वृष्टि के मसले पर सरकार को घेरने कांग्रेस विधायक स्थगन लाकर चर्चा कराने की मांग भी कर सकते हैं.

इसके अलावा महिलाओं की असुरक्षा का मामला भी सरकार की मुसीबत का सबब बन सकता है. क्योंकि जबावदेही सुनिश्चित करने के मद्देनजर विधायक दंड विधि संशोधन विधि विधेयक को लेकर भी विधानसभा में सवाल पहुंचा रहे हैं.

यहां महत्वपूर्ण है कि 26 फरवरी से शुरू हुए 14वीं विधानसभा के अंतिम बजट सत्र को लेकर कांग्रेस रणनीतिक तैयारी के साथ नजर आ रही है. अभिभाषण के बाद सरकार द्वारा बजट पेश किया जाएगा.बावजूद इसके कांग्रेस का पूरा ध्यान किसानों के मुद्दे पर भाजपा सरकार को घेरने पर है.

अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि सदन में कौन किस मुद्दे पर कब क्या मामला उठाएगा. इसके लिए बीते दिनों प्रदेश अध्यक्ष अरूण यादव, नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह राहुल और प्रदेश प्रभारी दीपक बावरिया के साथ विधायक रणनीतिक मंथन कर चुके हैं. वहीं कहा जा रहा है कि शेष कसर आगामी 18 फरवरी को होने वाली विधायक दल की बैठक में पूरी कर ली जाएगी.

गम या उत्साह

विधानसभा सत्र के पहले दिन ही मुंगावली और कोलारस विधानसभा उप चुनाव के परिणाम भी 12 तक स्पष्ट हो जाएंगे. इसके चलते दलों के जीत-हार को लेकर उत्साह और मायूसियत भी यहां नजर आएगी. क्योंकि इन दोनो ही सीटों मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की प्रतिष्ठा दांव पर है.

होली पर 7 दिन का अवकाश

28 मार्च तक चलने वाली इस विधानसभा सत्र में होली के अवसर पर 7 दिन कार्रवाई नहीं चलेगी. मार्च के पहले दिन से लेकर 6 मार्च तक बैठक स्थगित रखी गई है. वहीं चैती चांद के अवसर पर ही 3 दिन का अवकाश रखा है.

इन मुद्दों पर है तैयारी

मुद्दों की बात अगर करें, तो इसमें किसान, भावान्तर, महिला अपराध, सूखा एवं स्वास्थ्य से जुड़े सवाल भी शामिल है. इन्हीं मुद्दों से जुड़े सवालों की संख्या भी ज्यादा बताई जा रही है. बावजूद इसके समझा जाता है कि सरकार के खिलाफ किसानों की नाराजगी को कांग्रेस भुनाने में इस बार कोई कसर नहीं छोडऩे वाली है.

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