नई दिल्ली,

ग्रामीण क्षेत्र खासकर किसानों का हाल बेहाल है। उत्पादन में कमी और सही कीमत ना मिलने के कारण किसान परेशान है और इसका राजनीतिक असर भी दिखने लगा है।

ऐसे में माना जा रहा है इस साल बजट का फोकस कृषि क्षेत्र पर रहेगा। वैसे मोदी सरकार ने किसानों की हालात सुधारने के लिए 2022 तक आय दोगुना करने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा है। लेकिन मौजूदा हालात अच्छे नहीं कहे जा सकते। कृषि मूल्य नीति से लेकर ट्रेड पॉलिसी तक सब जगह कुछ ना कुछ पेंच हैं जिससे किसान की हालात खराब है।

हाल में प्रधानमंत्री के इकोनॉमिस्ट की बैठक में किसानों की आय बढ़ाने के लिए कृषि उत्पादकता के साथ एक्सपोर्ट बढ़ाने पर जोर दिया गया। साथ ही ऑर्गेनिक प्रोडक्ट्स का एक्सपोर्ट बढ़ाने की जरूरत महसूस की जा रही है।

सरकार ने राज्यों को कृषि एक्सपोर्ट बढ़ाने के तरीके ढूंढने को कहा है। दुनिया में एग्री एक्सपोर्ट का 1600 अरब डॉलर का मार्केट है। कृषि उत्पादन में भारत दूसरे पायदान पर है जबकि एग्री एक्सपोर्ट में भारत आठवें स्थान पर है।

पिछले 4 साल में एक्सपोर्ट में 18 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई है जबकि कृषि एक्सपोर्ट 39 अरब डॉलर से घटकर 32 अरब डॉलर पर पहुंच गया है। हालांकि पिछले 4 साल में कृषि इंपोर्ट में 60 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है जबकि इंपोर्ट 15 अरब डॉलर से बढ़कर 25 अरब डॉलर पर पहुंच गया है।

मध्य प्रदेश में रबी फसलों पर भी भावांतर का ऐलान

सोयाबीन और खरीफ दालों पर भावांतर योजना लागू करने के बाद मध्य प्रदेश सरकार रबी फसलों पर भी इसे लागू करने का फैसला किया है। राज्य सरकार ने भावांतर योजना के लिए चना, मसूर, सरसों और प्याज को चुना है। इस योजना के तहत बाजार में एमएसपी के नीचे भाव जाने पर किसानों को उनके घाटे की भरपाई सरकार की ओर से किया जाएगा।

राज्य सरकार बकायदा इसके लिए करीब आधा दर्जन राज्यों के औसत भाव के आधार पर मॉडल प्राइस तय करेगी और उसी के आधार पर एमएसपी की बकाया रकम किसानों को उनके बैंक खाते में दिया जाएगा।

इस योजना में शामिल होने के लिए अगले महीने भावांतर पोर्टल पर ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराना होगा और इसके तहत मार्च से मई तक के बीच बेची गई फसल पर किसानों को मुआवजा दी जाएगी। गौर करने वाली बात ये है कि राज्य सरकार ने इस बार बिना एमएसपी वाली फसल प्याज को भी इस योजना का हिस्सा बनाया है।

उधर महाराष्ट्र सरकार सोमवार से अरहर की सरकरी खरीद शुरू करने जा रही है। सूत्रों से मिली जानकारी राज्य सरकार को केंद्र से इसके लिए हरी झंडी मिल गई है। पूरे प्रदेश में करीब 100 खरीद सेंटर बनाने की तैयारी है।

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