mp2भोपाल,  मध्यप्रदेश विधानसभा के बजट सत्र के शुभारंभ पर राज्यपाल रामनरेश यादव ने अपने अभिभाषण से किया. खराब स्वास्थ्य के चलते उनका संबोधन तीन मिनिट में ही खत्म हो गया.

अपने अभिभाषण में राज्य पाल रामनरेश यादव ने कहा कि प्राकृतिक आपदा ने प्रदेश के किसानों और खेती को अकल्पनीय हानि पहुंची जिसके लिए सरकार ने विधानसभा का विशेष सत्र बुलाया था. किसानों को राहत पहुंचाने के लिए सरकार ने अपने खर्चों में आवश्यकतानुसार कटौती कर उनके प्रति संवेदनशीलता दिखाई और फसल क्षति के लिए 4600 करोड़ रुपए सीधे उनके खातों में जमा कराए. सरकार ने दो साल के दौरान किसानों को विभिन्न योजनाओं में 27 हजार करो. रुपए के अनुदान दिए हैं. 2014-15 में प्रदेश की कृषि विकास दर 20.11 फीसदी रही जो देश में सबसे ज्यादा है।

2017 तक प्रदेश के सभी किसानों को स्वाइल हेल्थ कार्ड जारी कर दिए जाने का टारगेट है. इसी तरह किसानों को बिजली के स्थायी कनेक्शन देने का अभियान भी आरंभ किया गया है. सोलर पंप की स्थापना प्रोत्साहित की जाएगी। मेरी सरकार कृषि उत्पाद निर्यात को प्रोत्साहन देने के लिए एपीडा की तर्ज पर संस्था बनाई जा रही है. सहकारिता का नेटवर्क भी फैलाया जा रहा है.

सकल घरेलू उत्पाद में भी सबसे आगे
पिछले वित्त वर्ष में सकल घरेलू उत्पादन में 10.19 फीसदी की वृद्धि कर राज्य देश में नंबर वन रहा. सरकार ने कहा कि वर्ष 2003-04 में राज्य का सकल घरेलू उत्पाद एक लाख दो हजार करोड़ था जो 2014-15 में चार गुना बढकर पांच लाख आठ हजार करोड़ रुपए पहुंच चुका है.