नवभारत न्यूज अशोकनगर,

रविवार को दोपहर 02 बजे पिपरई में मंडी समिति प्रांगण में एक विशाल किसान आक्रोश रैली का संबोधित करते हुए सिंधिया ने प्रदेश सरकार पर करारा प्रहार करते हुए कहा कि यह सरकार किसानों के नाम पर अपने सूट बूट बाले मित्रों का भला कर रही है.

जिनमें से 600 करोड़ रूपये के दावे लगें है तथा 50 करोड़ रूपया किसानों में बांटा जा सका तथा शेष 2750 करोड़ रूपये की राशि इनके शूट बूट बाले मित्रों के पास चली गई. किसान अव आत्महत्या करने की कगार पर आ चुका है.

भावांतर योजना पर चोट करते हुए सिंधिया ने कहा कि यह लोग भावांतर योजना की बात करते है क्या है ये भावांतर योजना समर्थन मूल्य और मंडी में जिस भाव माल बिकता है यदि इसके अंतर के अनुसार किसान को भुगतान किया जाये तब यह भावांतर योजना है. लेकिन भावांतर योजना लागू करते ही उड़दा के दाम 200 रूपये क्व. नीचे आ गए, सोयाबीन के दाम नीेच आ गए यह कैसी भावांतर योजना है.

किसानों पर राज्य शासन द्वारा की जा रही ज्यादतियों की चर्चा करते हुए सिंधिया ने कहा कि मंदसौर में मेरे 6 अन्नदाता किसानों को प्रशासन की गोलियो से छलनी कर दिया गया और हिन्दुत्व की बात करने बाली इस सरकार के मुखिया ने दो करोड़ का एसी मंच लगाकर उपवास पर बैठकर, उपवास तुड़बाने के लिए उनके परिजनों को भोपाल लाया जाता है, जबकि हिन्दु परंपरा के अनुसार 13 दिन के भीतर हमें उनके घर सांत्वना देने घर जाना चाहिए परंतु मुख्यमंत्री उन किसानों के परिजनों को भोपाल बुला कर अपना अनशन समाप्त करते है यह कैसा हिन्दुत्व है.

यह उपवास नही किसानो का उपहास है. सिंधिया ने राज्य सरकार पर हल्ला बोलते हुए कहा कि जो धरती पुत्र का वध कर वह शासन पुत्र नाकारा है जिस धरती पर किसान का रक्त वहे वह शासन हत्यारा है.टीकमगढ़ में ऋण मांफी की मांग के लिए आगे आए किसानों को लाठियों से मारा गया उन्हें निर्वस्त्र कर पीटा गया.जिस किसान को र्निवस्त्र किया गया वह इस सरकार को र्निवस्त्र कर देंगे .

सिंधिया ने सरकार पर हल्ला वोलते हुए कहा कि अस्पताल में न तो कोई डाक्टर है नही बीच सडक पर महिला को प्रसूति होती है यह कैसी महिला हितेषी सरकार है बलात्कार कानून पर वोलते हुए सिंधिया ने कहा कि जिस प्रदेश में 4890 महिलाओ पर बलात्कार की घटना घटती हों यह प्रदेश को कलंकित करने बाली बात है.

मेरी मुॅगावली में 13 बर्ष की बच्ची के साथ वलात्कर कर उसके शव को नदी में फैंक दिया जाता है और सरकार उसके हत्यारे का आज तक पता नही लगा सकी यह महिलाओ के साथ कैसा मजाक है. विधेयक निकालते है जो वलात्कार करे उसे मौत की सजा. इसका मतलब है प्रदेश कर सरकार महिलाओं की आबरू वचाने में असर्मथ हो चुकी है .

आदिवासियो का जिक्र करते हुए सिंधिया ने मुख्यमंत्री का निशाने पे लेते हुए कहा कि वह शिवपुरी में आदिवासियो के लिये घोषणा करते है और फिर शिवपुरी में आदिवासियो के मकानो पर लिखा जाता है कि मैं गरीब हॅू यह कैसा मजाक है आदिवासियों के साथ.

मुख्यमंत्री द्वारा मुॅगावली में दलित के घर खाना खाने को लेकर सिंधिया ने कहा कि मुख्यमंत्री का यह दलित प्रेम दलितों के साथ मजाक है .

उन्होने कहा कि मुख्यमंत्री का ढोंग देखो मुॅगावली में मेरे दलित भाई के यहॉ खाना खाते है और मुंगावली में ही दलित प्राचार्य को इस कारण से स्नांतर कर दिया गया कि उसने सांसद कसे बुलाया यह कैसरा दलित प्रेम दिखा रहे हे मुख्यमंत्री. उन्होने भाजपा विधायक गोपीलाल जाटव का जिक्र करते हुए कहा कि भले ही वह भाजपा में हों, लेकिन उनका भी मेरे परिवार से वर्षो से रिश्ता है.

पिछले दिनो एक कार्यक्रम में दलित विधायक को पत्तल में भोजन कराया जाता है तथा मंत्रीजी चांदी की थाली में, एक ही टेविल पर भोजन करते है यह भाजपा का केसा दलित प्रेम. सभा को स्थानीय नेताओ में के.पी.यादव ने भी संबोधित किया.

खुद टै्रक्टर चलाकर कार्यक्रम स्थल पहुंचे सिंधिया

किसान आकरोश रेैली में सिंधिया स्वयं टे्रक्टर चलाकर कार्यक्रम स्थल तक पहुंचे.अपार जन समूह को देख कर कार्यक्रम स्थल से दूर टे्रक्टर खड़ाकर सिधिया पैदल मंच तक पहुंचें. मंच पर भारी भीड़ को नियंत्रित करने के लिए स्वयं सिंधिया को लोगों से आग्रह करना पड़ा तथा कार्यकर्ता को मंच से नीचे उतर जाने के लिए अनुरोध किया.

मंच पर पहुंचते ही मंच को चूम कर उपस्थित अपार जन समूह का अभिवादन किया. सिंधिया की आक्रोश रैली में शामिल होने के लिए अशोकनगर चंदेरी से कार्यकर्ता पहुंचे ही लेकिन बडी संख्या में उत्तरप्रदेश और छिंदबाड़ा के कार्यकर्ता भी नजर आए बडी संख्या में फोर व्हीलर गाडिय़ां और ट्रेक्टर ट्राली सम्मेलन स्थल पर पहुुंची थी.सिंधिया की सभा को सुनने के लिए लोग अपनी छतों तथा पेड़ों पर भी बैठे देखे गए.

 

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