kejriwalनई दिल्ली, 15 मार्च. आप की सरकार ने अपने 21 विधायकों को संसदीय सचिव बनाकर राज्यमंत्री का दर्जा दे दिया है। दिल्ली में पहली बार इतनी बड़ी संख्या में संसदीय सचिव बनाए जाने को लेकर भाजपा ने दिल्ली सरकार की आलोचना की है। दिल्ली में विपक्षी दल भाजपा का कहना है कि सरकार के इस निर्णय से सरकारी खजाने पर बोझ बढ़ेगा तथा इससे गलत परंपरा की शुरुआत भी होगी।

भाजपा ने इसे आप में अंतरकलह का नतीजा बताया है। उसका कहना है कि विधायकों को अपने साथ रखने के लिए मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने यह फैसला किया है। सरकार के इस फैसले से इन विधायकों को राज्य मंत्री का दर्जा मिल गया है। इससे क्षेत्र में इनका रुतबा भी बढ़ गया है, लेकिन, इससे भाजपा के तेवर चढ़ गए हैं।

प्रदेश भाजपा अध्यक्ष सतीश उपाध्याय का कहना है कि यह फैसला कर दिल्ली सरकार ने अपने दोहरे मानदंडों का एक और प्रमाण दिया है। सत्ता में आने के पूर्व आप नेता सरकारी खजाने पर कम से कम बोझ डालने और सरकारी काम में राजनीतिक कार्यकर्ताओं की जगह विशेषज्ञों को सम्मिलित करने की बात करते थे।

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