राष्ट्रीय स्तर पर देश की पहली नदी जोड़ योजना केन-बेतवा पर काम आगामी मार्च में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा इसके शिलान्यास से प्रारंभ होने जा रहा है.

इस 18000 करोड़ रुपयों की योजना में एक बड़ा परिवर्तन यह आया है कि पहले इसके खर्चे में 60 प्रतिशत भाग केंद्र सरकार का और 40 प्रतिशत 20-20 प्रतिशत के आधार में बांटकर मध्यप्रदेश व उत्तर प्रदेश सरकारों का होना था.

इस योजना के लाभ व हानि तथा खर्चे की रकम को लेकर इसमें मध्यप्रदेश व उत्तर प्रदेश का विवाद इतना लंबा चला कि यह योजना कागज में बनी रही- जमीन पर नहीं आयी. जबकि इसकी घोषणा प्रधानमंत्री श्री अटलबिहारी वाजपेयी ने उनके स्वाधीनता दिवस के लाल किले से दिये गये उद्बोधन में कर दी.

इसके बाद भी इस योजना का ठप्प पड़े रहना उस सरकार के लिये बड़ा ही लज्जास्पद था लेकिन मोदी सरकार के जल संसाधन मंत्री श्री नितिन गडकरी ने दोनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों श्री शिवराज सिंह चौहान और योगी आदित्यनाथ को सामने बिठा कर इस नदी जोड़ योजना पर सभी विवादों को उनके सामने ही निपटाने का कहा और इस विवाद का निदान करा अब इसे लागू भी किया जा रहा है.

यह श्री नितिन गडकरी का ही दमखम है कि यह योजना प्रारंभ होने जा रही है. अब इसमें 90 प्रतिशत रुपया केंद्र सरकार का है साथ ही इससे देश में सभी नदी जोड़ योजनाओं का मार्ग भी प्रशस्त हो गया.