18as4भाोपाल,18 अगस्त. कांग्रेस महासचिव एवं पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने आज यहां कहा कि उनके कार्यकाल में जो भी नियुक्तियां हुई थी उसके लिए केबिनेट से मंजूरी ली गई थी. उन्होंने कहा कि व्यापमं घोटाले में मप्र की जो बदनामी हुई है उसका श्रेय मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को है.

आज यहां प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए दिग्विजय सिंह ने कहा कि व्यापमं घोटाले के संबंध में जो हार्ड डिस्क है उसे रखने वाले अधिकारियों पर भी कार्यवाही की जानी चाहिए. क्योंकि हार्ड डिस्क से छेड़छाड़ की गई.

उन्होंने बताया कि 24 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट में वे पेश होकर मांग करेंगे कि सीबीआई द्वारा की जा रही व्यापमं घोटाले की जांच की सुप्रीम कोर्ट मॅानीटरिंग करने के लिए स्पेशल डेस्क बनाई जाए. उन्होंने बताया कि उनके मुख्यमंत्री कार्यकाल में जो भी नियुक्तियां उनके द्वारा की गई थी उनके लिए राज्य मंत्रिमंडल से स्वीकृति ली गई थी. उनके कार्यकाल में नियुक्तियों को लेकर भ्रष्टाचार नहीं हुआ. बल्कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के कार्यकाल में नियुक्तियों में भ्रष्टाचार हुआ है और मप्र बदनाम हुआ है.

दिग्विजय सिंह ने आरोप लगाया कि नर्मदा से रेत खुदाई और ढुलाई में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का परिवार लगा हुआ है. करोड़ों रूपये की रॉयल्टी चोरी हो रही है. सिंह ने कहा कि विदेश मंत्री सुषमा स्वराज को ललित मोदी मामले में इसलिए इस्तीफा दे देना चाहिए क्योंकि उन्होंनेे नियमों का उल्लंघन किया है.
उन्होंने कहा कि व्यापमं घोटाले की लड़ाई वे आखिरी दम तक लड़ेंगे क्योंकि एक पीढ़ी खत्म हो गई है. सिंह ने जानना चाहा कि जब मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने व्यापमं के माध्यम से एक हजार अवैध नियुक्तियां होने की बात स्वीकार की है तो सीबीआई, एसटीएफ ने उनसे पूछताछ क्यों नहीं की दिग्विजय सिंह ने आरोप लगाया कि व्यापमं घोटाले में जो लोग जेल में बंद है उन्हें धमकाया जा रहा है.

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