cairnगुड़गाँव,  कच्चा तेल की कीमतों में भारी गिरावट के कारण वेदांता लिमिटेड की तेल एवं गैस क्षेत्र की कंपनी केयर्न इंडिया को 31 मार्च को समाप्त वित्त वर्ष की अंतिम तिमाही में 10948.22 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। वित्त वर्ष 2014-15 की चौथी तिमाही में उसे 240.82 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ था।

तिमाही के दौरान कंपनी का समग्र राजस्व 2866.48 करोड़ रुपये से 13.84 प्रतिशत घटकर 2469.85 करोड़ रुपये रह गया। हालाँकि, एकल आधार पर कंपनी 347.18 करोड़ रुपये का मुनाफा कमाने में कामयाब रही है। पिछले साल की समान तिमाही में उसे 1044.13 करोड़ रुपये का नुकसान उठाना पड़ा था।

कंपनी के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी मयंक अशर ने निदेशक मंडल की बैठक के बाद कल रात परिणामों की घोषणा करते हुये कहा कि पिछला पूरा वित्त वर्ष चुनौतियों भरा रहा। कच्चा तेल की कीमतों के 12 साल के निचले स्तर तक लुढ़कने के बावजूद लागत घटाने तथा युक्तिसंगत पूँजी निवेश के दम पर कंपनी पूँजी प्रवाह बढ़ाने में कामयाब रही है।

निदेशक मंडल ने 30 प्रतिशत अंतिम लाभांश की भी मंजूरी दी है। कंपनी ने बताया कि 10 रुपये अंकित मूल्य के प्रत्येक शेयर पर तीन रुपये का लाभांश दिया जायेगा। इसका भुगतान इस साल 12 अगस्त तक कर दिया जायेगा।

पूरे वित्त वर्ष के दौरान समग्र आधार पर कंपनी को 9431.88 करोड़ रुपये का नुकसान उठाना पड़ा है जबकि वित्त वर्ष 2014-15 में उसे 4479.60 करोड़ रुपये का मुनाफा हुआ था। साल के दौरान उसका राजस्व 35.38 प्रतिशत घटकर 10633.99 करोड़ रुपये रहा गया। 2014-15 में उसे 16455.47 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ था।

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