parliamentनई दिल्ली,  मोदी मंत्रिमंडल में बहुप्रतीक्षित फेरबदल 18 से 20 जून के बीच होने की संभावना है, जिसमें उत्तर प्रदेश पर विशेष जोर दिया जायेगा, जहां कुछ ही महीने बाद विधानसभा चुनाव होने वाले हैं.

पीएम नरेन्द्र मोदी भाजपा की 12 और 13 जून को इलाहाबाद में होने वाली राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक के बाद अपने मंत्रिमंडल में दूसरा फेरबदल करने वाले हैं. राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी 12 से 17 जून तक कुछ अफ्रीकी देशों की यात्रा पर हैं और उनके लौटते ही मंत्रिमंडल में फेरबदल की तैयारी की जा रही है. यह फेरबदल 18 से 20 जून के बीच होने की प्रबल संभावना है. मोदी मंत्रिमंडल का पहला फेरबदल नवम्बर 2014 में हुआ था. फेरबदल में उप्र से मंत्रियों की संख्या बढ़ाये जाने की संभावना है, क्योंकि वहां अगले कुछ महीनों में चुनाव होने वाले हैं.

उत्तराखंड को भी मंत्रिमंडल में प्रतिनिधित्व मिल सकता है, वहां भी अगले साल की शुरूआत में चुनाव होने हैं. अभी इस राज्य का मोदी मंत्रिमंडल में कोई सदस्य नहीं है.

खेल और युवा मामलों सहित जो मंत्रालय खाली हैं, उन्हें भरा जायेगा और जिन मंत्रियों के पास अतिरिक्त प्रभार हैं, उनका बोझ हल्का किया जायेगा. सर्वानंद सोनोवाल को असम का मुख्यमंत्री बनाये जाने के बाद खेल और युवा मामलों का मंत्री पद खाली है. असम में हाल के विधानसभा चुनावों में भाजपा को भारी जीत मिली है और उसने पहली बार वहां सरकार बनाई है. इसे देखते हुए वहां से केन्द्र में मंत्रियों की संख्या बढ़ायी जा सकती है. इस फेरबदल में कुछ स्वतंत्र प्रभार वाले मंत्रियों को कैबिनेट दर्जा दिया जा सकता है. बिहार जैसे राज्य, जहां चुनाव हो चुके हैं और पार्टी को हार का सामना करना पड़ा है, उन पर प्रधानमंत्री की नजर टेढ़ी हो सकती है.

मंत्रिमंडल में फेरबदल की चर्चा इस साल के शुरू से ही चल रही है, लेकिन पहले संसद का बजट सत्र और फिर पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों के कारण यह नहीं हो पाया. अमित शाह के दूसरी बार अध्यक्ष बनने के बाद भाजपा में भी संगठनात्मक पुनर्गठन होना है. मंत्रिमंडल में फेरबदल के आस पास ही यह किया जा सकता है. कुछ नेताओं को मंत्रिमंडल से हटाकर संगठन में जिम्मेदारी दी जा सकती है.

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