kailashनयी दिल्ली,  विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने कैलास मानसरोवर की यात्रा के लिये इस वर्ष जाने वाले पहले जत्थे को आज रवाना किया।

श्रीमती स्वराज ने जवाहरलाल नेहरू भवन में आयोजित एक समारोह में इन यात्रियों को शुभकामनाओं के साथ विदा किया। यह जत्था उत्तराखंड के लिपुलेख दर्रे के पारंपरिक मार्ग से जायेगा। यह यात्रा भारत तिब्बत सीमा पुलिस एवं कुमाऊँ विकास निगम के सहयोग से आयोजित की जाती है।

इस साल करीब 2500 लोगों ने आवेदन किया था जिनमें से 1400 लोगों का लॉटरी से चयन किया गया है। इस साल 350 यात्री सिक्किम में नाथू ला दर्रे के पूरे सड़क मार्ग से जायेंगे। जबकि 1050 यात्री लिपुलेख दर्रे से होकर जायेंगे।
मेडिकल परीक्षण के बाद प्रथम बैच के लिए यात्रियों की अंतिम सूची तैयार हुई है।

कुमाऊं मंडल विकास निगम के पास शनिवार शाम तक प्रथम बैच में शामिल यात्रियों की सूची पहुंच जाएगी। प्रथम बैच कल सुबह दिल्ली से काठगोदाम के लिए चलेगा और अपरान्ह एक बजे काठगोदाम पहुंचेगा। कुछ देर वहां रुकने के बाद यात्री रात्रि विश्राम के लिए अल्मोड़ा पहुंचेंगे। सोमवार सुबह यात्री अल्मोड़ा से आधार कैंप धारचूला के लिये रवाना होंगे जहां से आगे पैदल मार्ग से चीन की सीमा तक पहुँचना होगा।

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