bus1मुंबई,  गोल्ड फ्यूचर्स पर अपने वर्चस्व के बाद एमसीएक्स के अब व्हाइट गोल्ड के नाम से मशहूर कॉटन फ्यूचर्स मेंदैनिक कारोबार जोर पकडऩे लगा है। वर्तमान सीजन के दौरान उत्पादन घटने की संभावना के कारण कारोबार में वृद्धि होने लगी है। 21 दिसंबर, को एमसीएक्स पर कॉटन में 429 करोड़ रुपए का कारोबार किया गया जबकि पूरे दिसंबर माह में इसका औसत कारोबार 164 करोड़ रुपए तक रहा है।

बीते कुछ महीनों से एक्सचेंज के कॉटन कांट्रैक्ट्स में कारोबारियों का आकर्षण बढ़ा है। कॉटन के उत्पादन घटने की संभावना से कॉटन की कीमतों में अस्थिरता देखने को मिली है। कॉटन का उत्पादन गत साल के 377 लाख गांठ (प्रत्येक 170 किग्रा) की तुलना में इस साल 335 लाख गांठ होने यानी 11 प्रतिशत कम होने का अनुमान है। यह गिरावट प्रति एकड़ उपज के प्रतिफल में गिरावट और उत्तरी राज्यों में कीटों के हमले के कारण इसकी फसलों के नुकसान के कारण रही है।
एमसीएक्स मान्य वेयरहाउसों में गत गुरुवार तक एमसीएक्स के दिसंबर कॉटन के 29,100 गांठ स्टॉक जमा हो चुके हैं और 8,900 गांठों के और आने की संभावना है।

एमसीएक्स के संयुक्त प्रबंध निदेशक पीके सिंघल ने इस पर कहा कि गत पांच से एमसीएक्स के कॉटन कांट्रैक्ट्स सभी भागीदारों के लिए जोखिम प्रबंधन का साधन बन चुका है। ज्यादा से ज्यादा कॉटन के कारोबारी एमसीएक्स पर इसमें हेजिंग कर रह हैं। कॉटन के वैल्यू चेन के 75 प्रतिशत कारोबार यहां हो रहे हैं। इस भारी भागीदारी से एक्सचेंज के कॉटन के वॉल्यूम और ओपन इंटरेस्ट बढऩे लगे हैं।

कॉटन के हितधारकों में कारोबार के प्रति विश्वास निर्माण के लिए एमसीएक्स ने डिलीवरी का एक नायाब सिस्टम शुरु किया है जिसमें डिलीवरी उठाने वाला कॉटन का क्रेता माल की जांच कर सकता है और उसे मिलने वाली डिलीवरी के किसी भी गांठ की क्वालिटी जांच की मांग कर सकता है।

कॉटन के एक ट्रेडर ने कहा कि गुणवत्ता मानकों को सुनिश्चित करने के लिए एक्सचेंज मान्य वेयरहाउस सर्विस प्रोवाइडर्स कॉटन की गुणवत्ता और उसकी नमी पर पूरा ध्यान रख रहे हैं और यहां आने वाले उच्च नमी युक्त कॉटन को रद्द कर रहे हैं।

एमसीएक्स ने मोनोपोली को तोडऩे के लिए दो और वेयरहाउस सर्विस प्रोवाइडरों को काटन की डिलीवरी हैंडल करने के लिए नियुक्त किया है। एक्सचेंज मान्य इन वेयरहाउसों में कॉटन की डिलीवरी दिसंबर के महीने में बढ़कर 31,000 गांठ तक पहुंची है जो कि नवंबर में 4,600 गांठ थी। कॉटन पर चूंकि सीटीटी लागू नहीं है, इसलिए इसमें कारोबार करना काफी किफायती यानी प्रति 1 करोड़ रुपए के ट्रेड पर केवल 75 रुपए ही लागत देनी होती है।