Supreme-Courtनयी दिल्ली,  उच्चतम न्यायालय ने उच्चतर न्यायपालिका में न्यायाधीशों की नियुक्ति के लिए अलग से एक स्वतंत्र निकाय स्थापित करने संबंधी याचिका की सुनवाई से आज इन्कार कर दिया। न्यायमूर्ति अरुण कुमार मिश्रा एवं न्यायमूर्ति उदय उमेश ललित की पीठ ने नेशनल लॉयर्स कैम्पेन (एनएलसी) की याचिका यह कहते हुए खारिज कर दी कि इस तरह की नियुक्ति प्रणाली तैयार करना संसद का काम है, न कि न्यायपालिका का।

याचिकाकर्ता की ओर से मामले की पैरवी कर रहे वकील मैथ्यू नेदुमपारा ने दलील दी कि उच्चतम न्यायालय और उच्च न्यायालयों के न्यायाधीशों की नियुक्ति की प्रक्रिया में यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि इस दौड़ में अधिक से अधिक वकील शामिल हो सकें। इस पर खंडपीठ ने याचिकाकर्ता से कहा कि वह केंद्र सरकार द्वारा प्रक्रिया ज्ञापन (एमओपी) को अंतिम रूप दिये जाने का इंतजार करें। उसके बाद एनएलसी एमओपी की वैधता को चुनौती दे सकता है। याचिकाकर्ता ने एक ऐसा स्वतंत्र निकाय गठित करने की मांग की थी जो न्यायपालिका और कार्यपालिका के हस्तक्षेप से पूरी तरह स्वतंत्र हो।

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