ग्वालियर,  ग्वालियर अंचल में प्री-मेच्योर शिशुओं का नया कारोबार सामने आया है. इस गिरोह से जुड़े लोग अविवाहित युवतियों एवं महिलाओं की कोख का सौदा करा बच्चों की प्री-मेच्योर डिलीवरी कर बच्चे मंहगे दामों पर निसंतान दंपतियों को बेच देते थे.

बीती रात पुलिस ने इस गिरोह के एक सदस्य को गिरफ्तार किया है. यह गिरोह बाकायदा एक नर्सिंग होम भी संचालित कर रहा था. पुलिस को सूचना मिली थी कि पलाश हास्पिटल मुरार में नवजात, विशेषकर प्री-मेच्योर बच्चों की खरीद-फरोख्त का काम होता है. इस सूचना पर पुलिस की टीम काफी दिनों से अस्पताल प्रबंधन पर निगाह रखे हुए थी. बीते दिवस पुलिस की एक टीम ने पलाश हास्पिटल पर छापा मारा. तो वहां दो बच्चे प्री-मेच्योर ऐसे मिले, जिनके माता-पिता का नाम तक रजिस्टर में दर्ज नहीं था और न ही जन्म की कोई डिटेल थी.
शुरूआत में पुलिस ने जब हास्पिटल प्रबंधन से पूछताछ की तो प्रबंधक ने कहानियां सुनाकर पुलिस को गुमराह किया. लेकिन जब पुलिस ने सख्ती से पूछताछ की तो हास्पिटल स्टॉफ ने सारा मामला बयां कर दिया.

पुलिस ने इस मामले में हास्पिटल के असिस्टेंट मैनेजर अरुण भदौरिया को गिरफ्तार कर लिया है. अस्पताल का मालिक टीके गुप्ता अभी फरार है. भदौरिया ने पुलिस को बताया कि वह लोग प्री-मेच्योर बच्चों की एक दो माह तक अपने हास्पिटल में केयर कर उन्हें ऊंचे दामों पर निसंतान दंपत्तियों को बेच देते थे. भदौरिया ने फिलहाल तीन बच्चे बेचने की बात पुलिस को बताई है. लेकिन पुलिस पूरे मामले की अब नए सिरे से जांच कर रही है.

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