manmohanनयी दिल्ली,   दिल्ली की एक अदालत ने कोयला घोटाले से जुड़े एक मामले में पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को बचाव पक्ष के गवाह के रूप में तलब करने की मांग वाली झारखंड इस्पात प्राइवेट लिमिटेड (जेआईपीएल) के निदेशक आरएस रूंगटा की याचिका आज खारिज कर दी।

विशेष सीबीआई न्यायाधीश भरत पराशर ने यह याचिका खारिज की। याचिका में प्रधानमंत्री कार्यालय और कोयला मंत्रालय से लाये गए दस्तावेजों की वास्तविकता के बारे में गवाही के लिए श्री सिंह को तलब करने का अनुरोध किया गया था।

श्री सिंह के संबंध में आरोपी ने अपनी याचिका में कहा था “वह कोयला मंत्रालय के रिकॉर्ड और स्क्रीनिंग समिति के गठन, इसके कार्य और शक्तियों के बारे में उनके द्वारा किये गये फैसले को साबित करेंगे साथ ही कोयला मंत्रालय के रिकॉर्ड को भी साबित करेंगे।” आरएस रूंगटा के अलावा इस मामले के दो अन्य आरोपी जेआईपीएल और उसके अन्य निदेशक आर सी रूंगटा हैं।

यह मामला झारखंड के उत्तरी धाडू कोयला ब्लॉक में कथित रूप से झूठे और फर्जी दस्तावेजों के आधार पर जेआईपीएल को कोल ब्लॉक आवंटित करने से जुड़ा है। अदालत ने 21 नवंबर को इस मामले में आरोपियों के बयान दर्ज करने का काम पूरा किया था।

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