नई दिल्ली, 12 अप्रैल. छत्तीसगढ़ में कोल ब्लॉक आवंटन में बरती गई अनियमितताओं से भाजपा नेताओं पर लग रहे आरोपों को पार्टी ने पूरी तरह खारिज कर दिया है. भाजपा ने दो टूक कहा है कि इसका पार्टी या राजनीति से कोई लेना-देना नहीं है.

राज्यसभा में विपक्ष के नेता अरुण जेटली ने स्पष्ट किया कि यह एक व्यक्ति विशेष के व्यापार से जुड़ा मामला है. इस पर पीएसी आवंटन प्रक्रिया का आकलन कर किसी नतीजे पर पहुंचेगी. भाजपा पर सवाल इसलिए उठ रहे हैं, क्योंकि कोल ब्लॉक का आवंटन सांसद अजय संचेती की कंपनी को किया गया है. जेटली ने कहा है कि इस कोल ब्लॉक का किसने, किसे, किस आधार पर आबंटन किया है. इसका भाजपा या उसकी राजनीति से कोई लेना-देना नहीं है. कैग की रिपोर्ट की जांच विधानसभा की लोक लेखा समिति करेगी, वह इस मामले की पड़ताल कर किसी निष्कर्ष पर पहुंचेगी. इस मामले में भाजपा अध्यक्ष पर कांग्रेस के आरोपों के जवाब में जेटली ने कहा कि देश भर में कोयला खदानों में अनियमितताओं की खबरें हैं, जिनमें दस लाख करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है.

समस्या यह है इस मामले पर कांग्रेस से पहले भाजपा के नेताओं ने ही सवाल खड़े किए थे. छत्तीसगढ़ के पार्टी के एक सांसद व एक पूर्व सांसद ने इन अनियमितताओं को गंभीर बताते हुए कोल ब्लॉक आवंटन पर सवाल उठाए थे. अब पार्टी ने इन नेताओं को कसा है. सूत्रों के अनुसार, राज्य में प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक में हिस्सा लेने गए प्रभारी महासचिव जेपी नड्डा ने इन नेताओं को ज्यादा न बोलने की नसीहत दी है. गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ में कैग ने अपनी रिपोर्ट में भाजपा की रमन सिंह सरकार पर गंभीर आरोप लगाया है. इसमें कहा गया है कि साल 2007 में अजय संचेती के स्वामित्व वाली एसएमएस इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी को 129.60 रुपये प्रति मीट्रिक टन के हिसाब से कोल ब्लॉक दिया गया था. उस समय क्षेत्र में इसकी दर 552 रुपये प्रति मीट्रिक टन थी. भाजपा इस मामले में इसलिए उलझ गई है, क्योंकि संचेती भाजपा के राज्यसभा सदस्य हैं. संचेती के भाजपा अध्यक्ष नितिन गडकरी के नजदीकी होने से कांग्रेस इस मुद्दे को भुनाने में लगी है.

Related Posts: