Supreme-Courtनई दिल्ली,  सुप्रीम कोर्ट ने देश में अवैध तरीके से बनाये गए धार्मिक ढांचों को हटाने के लिए किये गए उपायों के संबंध में हलफनामा न दायर करने को लेकर राज्य सरकारों और केंद्र शासित प्रदेशों को आज कड़ी फटकार लगाई.

न्यायमूर्ति वी. गोपाल गौड़ा और न्यायमूर्ति अरुण कुमार मिश्र की पीठ ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि क्या उसके आदेश कोल्ड स्टोरेज में रखने के लिए हैं. क्या न्यायालय के आदेश का कोई सम्मान नहीं है. शीर्ष अदालत ने कहा, हमें पता है कि हमें क्या करना है? हम सभी राज्यों के मुख्य सचिवों को तलब करेंगे और पूछेंगे कि हमारे आदेश का पालन क्यों नहीं हुआ. न्यायालय ने गत 8 मार्च को सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को कार्रवाई रिपोर्ट दायर करने को कहा था.

बाद में न्यायालय ने कहा कि जो राज्य दो हफ्ते के भीतर अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल के पास अपना जवाब नहीं जमा करेंगे, उनके मुख्य सचिवों को अदालत में आना होगा. मामले की सुनवाई मई के दूसरे सप्ताह में होगी. न्यायालय 2006 में दायर उस याचिका की सुनवाई कर रहा है. शीर्ष अदालत ने राज्यों को सड़कों, पटरियों और सार्वजनिक स्थलों पर बनाये गए धार्मिक ढांचों को हटाने का निर्देश दिया था.

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