खादी ग्रामोद्योग मेले का हुआ समापन

भोपाल हाट में लगे खादी ग्रामोंद्योग मेले का आज समापन हो गया. खादी वस्त्र सदाबहार वस्त्र है यह गर्मियों में ठंडा एवं सर्दियों गर्म होता है खादी हाथकता एवं हाथ बुना वस्त्र है जो कि प्राकृतिक शुद्ध कपास, ऊन एवं ककून से तैयार किया जाता है. खादी वस्त्र पर प्राय: प्राकृतिक रंगों से डिजाईन एवं ब्लांक प्रिन्ट किये जाते है जो पर्यावरण के अनुकूल होते है.

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा खादी के उपयोग को प्रोत्साहित करने हेतु अपील की गई है. इसी तारतम्य में म.प्र. के ग्रामीण अंचलों में कार्यरत कत्तिनों बुनकरों एवं परम्परागत कारीगरों को निरंतर रोजगार उपलब्ध कराने एवं उनके द्वारा उत्पादित खादी वस्त्र तथा कुटीर ग्रामोद्योग सामग्री को विक्रय करने के उददे्ष्य से एवं भोपाल वासियों के लिए उच्च गुणवत्ता के खादी वस्त्र उपलब्ध कराने हेतु म.प्र. खादी ग्रामोद्योग बोर्ड द्वारा राष्ट्रीय खादी उत्सव का आयोजन दिनांक 10 से 20 नवम्बर तक आयोजन किया गया.

इस प्रदर्षनी में म.प्र. खादी ग्रामोद्योग बोर्ड द्वारा कबीरा ब्राण्ड के समस्त रेडीमेड गारमेंन्ट खादी वस्त्र एवं प्रदेष के स्वसहायता समूहों द्वारा उत्पादित विंध्यावैली मसाले उपलब्ध थे.इसके अलाव म.प्र. सिल्क फेडरेषन द्वारा प्रकृति का उपहार प्राकृत ब्राण्ड के अंतर्गत मलवरी सिल्क टसर, एवं ईरी सिल्क के वस्त्र सिल्क साडिय़ां विक्रय हेतु उपलब्ध कराई गईं थी.

मेले का समापन सायंकाल 7 बजे संगीत के साथ साथ बच्चों की सामान्य ज्ञान प्रतियोगिता का आयोजन किया गया है.

समापन कार्यक्रय में बोर्ड के अध्यक्ष सूरजसिंह आर्य एवं उपाध्यक्ष रघुनंदन शर्मा द्वारा सभी सहभागियों एवं खादी फैशन षो में भाग लेने वाले प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र वितरण किया गया एवं खादी के उपयोग हेतु प्रोत्साहित किया गया.

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