नयी दिल्ली,  पशु बाजारों में गायों और अन्य जानवरों की बिक्री पर रोक के फैसले में संशोधन के संकेत देते हुए केंद्रीय विधि एवं न्याय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने आज स्पष्ट किया कि सरकार किसी भी व्यक्ति के खानपान की आदतों पर अंकुश लगाने के पक्ष में नहीं है। उन्होंने हालांकि गोसंरक्षण की चिंताओं और खानपान की आजादी के बीच संतुलन स्थापित किये जाने की आवश्यकता भी जताई।

श्री प्रसाद ने मोदी सरकार के तीन साल के कार्यकाल की उपलब्धियों का लेखा-जोखा पेश करने के लिए आयोजित संवाददाता सम्मेलन के दौरान एक सवाल के जवाब में यह बात कही। उन्होंने कहा, “पर्यावरण मंत्री हर्षवर्धन ने संबंधित कानून की समीक्षा को लेकर पहले ही सहमति जता दी है।

हम किसी भी व्यक्ति की खानपान की आदतों को नियंत्रित नहीं करना चाहते। हालांकि गोसंरक्षण संविधान में निहित नीति-निर्देशक तत्वों में शामिल है, इसलिए हमें दोनों चीजों को लेकर संतुलन बनाने की जरूरत होगी।” उन्होंने तथाकथित गोरक्षकों द्वारा कानून हाथ में लिये जाने से जुडे सवाल के जवाब में कहा कि सरकार ने पहले ही यह स्पष्ट कर दिया है कि गोरक्षा के नाम पर हिंसा कतई उचित नहीं है।

श्री प्रसाद ने ऐसे लोगों को आगाह करते हुए कहा कि हिंसा का सहारा लेने वाले लोगों को कानून के तहत सजा दी जाएगी। गौरतलब है कि उच्चतम न्यायालय ने संबंधित अधिसूचना के खिलाफ हैदराबाद स्थित गैर-सरकारी संगठन ऑल इंडिया जमायतुल कुरेश एक्शन कमेटी की याचिका पर आज ही केंद्र सरकार को नोटिस जारी करके दो सप्ताह के भीतर जवाब मांगा है। याचिकाकर्ता ने वध के लिए पशुओं की बिक्री पर रोक लगाने सम्बन्धी केंद्र सरकार की अधिसूचना को चुनौती दी है।

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