नहीं हो सकीं पर्याप्त व्यवस्थाएं

  • 8 डिग्री तापमान

नवभारत न्यूज गुना,

लंबे समय से जिस सेना भर्ती रैली को लेकर प्रशासन तैयारियों का ढोल पीट रहा था जिसकी पोल पहले ही दिन खुल गई. सुरक्षा व्यवस्था, यातायात से लेकर अभ्यर्थियों के रहने तक की व्यवस्था की पोल सोमवार को खुल गई.

सेना भर्ती में पहुँचने वाले हजारों अभ्यर्थियों को सोने के लिए छत नसीब नहीं हो पाई है, जिसके चलते मजबूरन हजारों युवाओं को 10 डिग्री से भी कम तापमान में खुले आसमान के नीचे सोने को मजबूर होना पड़ा है.

देशसेवा में अपना भविष्य तलाश रहे युवाओं के लिए भर्ती से पहले ही इस प्रकार का तजुर्बा कहीं न कहीं हताश कर देने वाला रहा है.  दरअसल गुना में 8 जनवरी से लेकर 22 जनवरी के बीच सेना भर्ती रैली का आयोजन किया जा रहा है.

जिसमे गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, भिंड मुरैना, जबलपुर, दतिया समेत 12 जिलों के अभ्यर्थियों का चयन जाना है. सेना भर्ती रैली में पहुंचने वाले युवाओं को उस वक्त दिक्कतों का सामना करना पड़ा जब जिला प्रशासन की ओर से अभ्यर्थियों को रुकने रुकाने की कोई व्यवस्था ही नहीं की गई.

अभ्यर्थियों को मजबूरन खुले आसमान के नीचे संजय स्टेडियम, स्वतंत्रता पार्क और सड़क किनारे जमीन पर अपने सोने की व्यवस्था करनी पड़ी.

जबकि जिला प्रशासन लंबे समय समुचित व्यवस्थाएं होने का ढोल पीट रहा था. स्वयं कलेक्टर राजेश जैन ने छुट्टी के दिन रविवार को प्रशासनिक अधिकारियों की बैठक लेकर अभ्यर्थियों के रहने ठहरने की समुचित व्यवस्था के निर्देश दिए थे, अब इन निर्देशों का पालन क्यों नहीं हुआ यह प्रशासन जाने.

अब इस मामले में जिला प्रशासन कुछ भी कहने से बच रहा है. क्योंकि मप्र के बेरोजगारों के लिए आयोजित इस भर्ती रैली के लिए सेना तो गुना पहुँच गई लेकिन जिला प्रशासन रैली के लिए व्यवस्था करने में नाकाम रहा.

उल्लेखनीय है कि पहले ही दिन हजारों की संख्या में अभ्यर्थी गुना रैली में शामिल हुए. सोमवार को को नर्सिंग और क्लेरिकल स्टाफ की भर्ती शुरू हुई. जिसमे हजारों युवाओं का गुना पहुंचे. अभ्यर्थियों ने रात 2 बजे से लाइन में लगकर खुद का पंजीयन भी कराना शुरू कर दिया था.

जिसके बाद उनका शारीरिक परिक्षण किया जाएगा. जब इन अव्यवस्थाओं के बारे में युवाओं से पूछा गया तो उन्होंने कहा की प्रशासन को छत की व्यवस्था करनी चाहिए थी. लेकिन बात देश सेवा की है इसलिए हर मुसीबत से लडऩे को वे तैयार हैं.

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