स्टूडेंट्स ने उठाया पैरासेलिंग का लुत्फ

भोपाल,

आज भोपाल का आसमान गुजरात की पंतगो से ढका सा लग रहा था, वो भी छोटी मोटी नहीं बल्कि 4 से 21 फीट तक की, जिसका प्रदर्शन गुजरात से आये पतगबाज मेहुल और उनकी टीम व्दारा भोज फेस्ट में किया गया.

फेस्ट में पैरासेलिंग, पैरामोटर, रॉक क्लाइमिंग जैसी ऐक्टिीविटी ने भोपालवासियों को अपनी ओर आकर्षित किया. व नया रोमांच करने का अवसर दिया.

21 मार्च से शुरू हुऐ भोज एडवेंजर फेस्ट में आज चौथा बेच आया, जिसमें जनजाति क्षेत्र से बच्चे आए, जिसमें भदभदा आदिवासी छात्रावास, पोस्टमैट्रिक छात्रावास जैसे सुदूर क्षेत्रों से बच्चे आये है. जिन्हे स्पीड बोट चलाने की तकनीक, पैरासेल उड़ाने की तकनीक, बजी टग ,आदि में खेल खेल में रोजगार प्रशिक्षण दिया जायेगा. फेस्ट के आयोजन समिति के सचिव रीतेश ने बताया कि कैम्प में अभी तक 668 बच्चे हिस्सा ले चुके है. जिसमें 270 लड़कियों को ट्रेनिंग दी गई.

उन्होने बताया कि यहां आये बच्चों को खेल खेल में रोजगार प्रेरक ट्रेनिंग दी जा रही है. अब कैम्प में ऑनलाइन बुकिंग की भी सुविधा है, जिसे भोज फेस्ट की साइट से किया जा सकता है.फेस्ट का समापन 1 अप्रैल को हो रहा है.

मैं पहले सोच रहा था, कि कैम्प बोरिंग रहेगा. लेकिन यहां आकर बहुत मजा आया. यहां आना जैसे सपने को सच होने सा है, मेरा पहाड़ पर चढऩे का सपना पूरा हो गया. यह अनुभव जीवन में कभी नहीं भूल पाऊंगा.
-काव्यंत अहिरवार, प्रतिभागी

यहां मुझे लीडरशिप सीखने का मौका मिला, यहां का अनुशासन से बहुत कु छ सीखने को मिला. यहां पर इतनी ऐडवेंचर एक्टिीविटी करने को मिली, जो सिर्फ सुनी या देखी थी.
-मोनिका अहिरवार, प्रतिभागी

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