Uma Bharatiनयी दिल्ली, 23 जुलाई. सरकार ने गंगा को प्रदूषित करने वाले 144 नालों की पहचान की है और कहा है कि गंगा को मैला करने में इन नालों की भूमिका 75 फीसदी है।

जल संसाधन, नदी विकास और गंगा संरक्षण मंत्री उमा भारती ने लोकसभा में आज एक सवाल के लिखित जवाब में कहा कि सरकार ने 144 ऐसे नालों का पता लगाया है जो गंगा में सबसे अधिक अवशिष्ट डाल रहे है। उनका कहना था कि गंगा को प्रदूषित करने में सबसे बडी भूमिका गंदे नालों की है और गंगा के मैले होने में इन गंदे नालों की हिस्सेदारी 75 फीसीद है।

उन्होंने बताया कि गंगा की मुख्य धारा के किनारे बसे शहरों के कारण प्रतिदिन गंगा में 353 करोड लीटर से अधिक प्रदूषण हर दिन गिर रहा है। इसके अलावा बडी मात्रा में औद्योगिक कचरे को गंगा में गिराया जा रहा है जिसके कारण गंगा का स्वरूप बदला है।

सुश्री भारती ने बताया कि गंगा की सफाई के लिए सरकार पिछले तीन साल में 900 करोड रुपए से अधिक खर्च कर चुकी है। पिछले वर्ष इस योजना के लिए 326 करोड रुपए खर्च किए हैं और इस वर्ष अब तक 263 करोड रुपए खर्च किए जा चुके हैं।