मथुरा,

उत्तर प्रदेश सरकार अब उन गरीबों को भी मुफ्त में बिजली कनेक्शन देगी जिनके घराें पर छत नहीं है और वे बीपीएल कार्डधारक भी नहीं हैं।

राज्य के ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा ने कल देर रात पत्रकारों को यह जानकारी दी। श्री शर्मा ने बताया कि मुफ्त बिजली कनेक्शन के लिए अब बीपीएल कार्डधारक होना जरुरी नहीं है बल्कि अब उन लोगों को भी यह सुविधा उपलब्ध करायी जायेगी जिनके पास इस तरह का राशन कार्ड नहीं है आैर घरों पर छत नहीं है।

उन्होंने कहा कि जो कनेक्शन अभी तक दस हजार में मिलते थे सरकार ऐसे लोगों को 550 रूपए में कनेक्शन देगी। गांव के लोगों को इसके लिए केवल 50 रूपए पहले देने होंगे उसके बाद उन्हें 50 रूपए की दस किश्तें देनी होंगी।

उन्होंने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के जन्मदिन पर मथुरा के दो गांवो लोहबन एवं गौसना में सरकार की तरफ से विद्युतीकरण किया गया है। सरकार अगले साल तक एक करोड़ 60 लाख ऐसे घरों में बिजली का कनेक्शन अपनी तरफ से देगी जिनमें रोशनी नहीं हैं क्योंकि योगी सरकार का नारा है कि प्रकाश है तो विकास है।

ऊर्जा मंत्री ने कहा कि सौभाग्य योजना के तहत प्रधानमंत्री श्री मोदी ने चार करोड़ घरों में रोशनी देने का लक्ष्य रखा था। पावर कार्पोरेशन अभी तक 25 लाख घरों में रोशनी पहुंचा चुका है। अगले वर्ष दिसम्बर तक एक करोड़ 60 लाख घरों में रोशनी पहुंचाने का लक्ष्य है।

मंहगी बिजली आपूर्ति का कारण पूछने पर उन्होंने कहा कि वर्तमान में उपभोक्ता तक बिजली पहुंचाने की कीमत छह रूपए 74 पैसे आ रही है। 2005 की एक राष्ट्रीय नीति के तहत 50 प्रतिशत में गरीबों को बिजली देना तय किया गया था। उनका विभाग सामान्य उपभोक्ता यानी 100 यूनिट तक बिजली खर्च करने वाले से तीन रूपए प्रति यूनिट की दर से ले रहा है शेष तीन रूपए 74 पैसे का खर्च सरकार वहन कर रही है।

उन्होंने बताया कि किसान की आय दोगुनी करने की दिशा में ही उसे सिंचाई के लिए सस्ती बिजली देने का प्रयास किया जा रहा है। इसके तहत 2022 तक दस लाख किसानों के पांच हार्स पावर एवं साढ़े सात हार्स पावर के पम्प सेट बदले जाएंगे।

इनमें समर्सिबिल एवं कपलिंग सेट शामिल हैं। नये सेट की कीमत 40 हजार आती है, लेकिन नया पम्पसेट किसानों को निःशुल्क दिया जाएगा। नये पम्प सेट लगाने से किसानों के बिल में 35 प्रतिशत की बचत भी होगी।

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