24bankभोपाल,24 फरवरी.मध्यप्रदेश में विश्व बेंक की आर्थिक मदद से संचालित जिला गरीबी उन्मूलन परियोजना (डीपीआईपी) के दूसरे चरण के बेहतर क्रियान्वयन से ग्रामीण अंचल में गरीबों को आत्म-निर्भर बनाने और उनके आर्थिक उत्थान में महत्वपूर्ण सफलताएँ हासिल हुई.

प्रदेश में वर्ष 2009 से शुरू हुए डीपीआईपी के दूसरे चरण में गरीबी उन्मूलन के मकसद से विश्व बेंक द्वारा 100 मिलियन यू.एस. डालर की आर्थिक सहायता मुहैया करवाई गई है.इसके अलावा राज्य शासन द्वारा 10 मिलियन डालर का अंशदान दिया गया है.परियोजना के दूसरे चरण में प्रदेश के 15 जिले के 53 विकासखंड के 4,806 ग्राम शामिल है.करीब 521 करोड़ रुपये की यह परियोजना अब अंतिम चरण में है.

टॉस्क टीम लीडर श्रीमती प्रीति कुमार के नेतृत्व में आये इस दल में सूक्ष्म वित्त विशेषज्ञ विन्सटन डावेस, अनुश्रवण और मूल्यांकन विशेषज्ञ सुश्री मियो तकाडा, उपार्जन विशेषज्ञ अतिन रस्तोगी, लेंगिक समानता तथा सामाजिक विकास विशेषज्ञ वरूण सिंह तथा कृषि और उत्पादकता विशेषज्ञ सुश्री हेलेन शामिल है.दल में संयुक्त राष्ट्र के खाद्य तथा कृषि संगठन के सदस्य थामस एवं जिम भी है. बेलवाल ने विश्व बेंक दल को बताया कि दूसरे चरण में 35 हजार 806 स्व-सहायता समूह बनाये गये.इनमें से 23 हजार 781 स्व-सहायता समूह ने विभिन्न शासकीय योजनाओं के अभिसरण का लाभ भी लिया है.आर्थिक विकास गतिविधियों के लिये 22 हजार से अधिक स्व-सहायता समूहों को 250 करो? रुपये की बेंक सहायता उपलब्ध करवाई जा चुकी है.अब तक 4054 ग्राम विकास संगठन बन चुके हैं और 4 लाख 9 हजार हितग्राही परियोजना से लाभांवित हुए हैं.कौशल विकास तथा रोजगार प्रशिक्षण कार्यक्रमों के जरिये 20 हजार से अधिक युवाओं को लाभांवित किया गया है.आर्थिक उत्थान के सघन प्रयासों से 3 लाख 36 हजार 174 ग्रामीण हितग्राही को 1502 करोड़ की आय हुई है और 34 हजार 584 हितग्राही की वार्षिक आय एक लाख रूपये से अधिक हो चुकी है.

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