बापू की पुण्यतिथि पर सर्वधर्म प्रार्थना सभा को राज्यपाल ने किया संबोधित

भोपाल,

राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने कहा है कि गांधीजी का संपूर्ण जीवन एक आंदोलन की तरह था. उन्होंने कहा कि आज हमारी संस्कृति और परम्पराओं को बचाने की चुनौती है.

इन चुनौतियों का सामना हमें महात्मा गांधी के जीवन दर्शन से सीख लेकर और आदर्शों पर चलकर ही करना है. राज्यपाल ने गांधी भवन में महात्मा गांधी की पुण्य तिथि पर आयोजित सर्वधर्म प्रार्थना सभा को संबोधित करते हुए यह बात कही.

राज्यपाल पटेल ने महात्मा गांधी की मूर्ति पर सूत की माला पहनाकर श्रद्धांजलि दी और पुष्पांजलि अर्पित की. राज्यपाल पटेल ने कहा कि गांधीजी के सत्य, अहिंसा और सर्वधर्म समभाव के आदर्श आज भी प्रासंगिक हैं.

आज के दिन, महात्मा गांधी को हमारी सच्ची श्रद्धाँजलि यही होगी कि हम सब मानवता की रक्षा के साथ-साथ राष्ट्रीय एकता और प्राचीन भारतीय संस्कृति को मजबूत बनाने का संकल्प लें. महात्मा गांधी के आदर्शों को आत्मसात करें. उन्होंने कहा कि गांधी जी जीवन भर उस सत्य के आग्रही रहे जिसे वे ईश्वर मानते थे.

वे कहा करते थे पहले मैं समझता था कि ईश्वर ही सत्य है, अब समझ गया हूँ कि सत्य ही ईश्वर है. गांधीजी का सत्याग्रह इसी ईश्वर की आराधना थी. अहिंसा के इस पुजारी ने जीवन में जो आलोक बिखेरा था, वह आज भी मनुष्यता के मार्ग को आलोकित कर रहा है. राज्यपाल पटेल ने कहा कि मुझे गर्व है कि मेरा संबंध भी महात्मा गांधी की जन्म स्थली गुजरात से है.

विद्यार्थियों को पास बुलाया

राज्यपाल ने इस अवसर पर उपस्थित छात्र-छात्राओं को अपने पास बुलाकर बापू के जीवन के बारे में बोलने के लिए प्रोत्साहित किया. इस पर छात्र-छात्राओं ने खुले मन से सबके सामने अपनी बात कही.

राज्यपाल ने गांधीजी की पुण्य तिथि पर आयोजित चित्रकला और ज्ञान प्रतियोगिता में विजेता छात्र-छात्राओं को पुरस्कृत किया. इस अवसर पर गांधी भवन ट्रस्ट के सचिव दयाराम नामदेव, ट्रस्टी महेश सक्सेना, स्कूलों के छात्र-छात्राएं और बापू के अनुयायी उपस्थित थे.

गांधी जी की पुण्यतिथि के अवसर पर गांधी भवन न्यास ने आओ जानें गांधी प्रतियोगिता का आयोजन किया. जहां वाद-विवाद प्रतियोगिता में मुझे तृतीय पुरस्कार राज्यपाल के हाथों मिला.
-प्रयाग साहू, प्रतियोगी

राज्यपाल महोदया के सामने गांधी जी के विषय में बोला, जहां मुझे घबराहट हुई तो उन्होंने मुझे सही किया. मेरे बोलने के बाद उन्होंने मुझे चॉकलेट भी दी.
-मानव पांडे, प्रतियोगी

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