लाल गाय का सोम विनिमय से पूरी होती है मनोकामना

भोपाल,

सोम का महत्व गाय से है, गाय 33 कोटि देवी-देवताओं के प्रभाव में है, इसलिये यज्ञ में तीन कदम गौमाता को चलाया गया, तीन कदम धर्म अर्थ मनोकामना की प्राप्ति भक्तों को मिलेगी.यह बात आज स्थानीय टीटी नगर दशहरा मैदान में चल रहे सोम यज्ञ में गोकुलोत्सव महाराज ने कही.

उन्होंने कहा कि समस्त वेद पुराण, ग्रंथ एवं पंथों में गाय का महत्व बताया गया है. आज यज्ञ के दूसरे दिन लाल रंग की गाय-बछड़ेे को यज्ञाशाला में लाया गया.

गोकुलोत्सव एवं व्रजोत्सव महाराज ने गाय से सोम का विनिमय कराया. कार्यक्रम के आयोजक भगवानदास सबनानी ने बताया कि महाराजश्री ने प्रवचन में कहा कि यज्ञशाला में जो भी श्रद्धालु आकर कोई भी मनोकामना के लिये परिक्रमा करता है उसका साक्षी सोम होता है, जो कि परमात्मा के निकट है, साक्षी बनने के लिये हरे बांस का मण्डप, सोमलता भी विराजित है.

एक घण्टे में 2.11 लाख आहूति

यज्ञ में प्रत्येक श्रद्धालु एक घण्टे में 2 लाख 11 हजार आहूतियां डालता है क्योंकि सोम यज्ञ की एक आहूति दस हजार आठ के बराबर होती है.

परिक्रमा का महत्व

गोकुलोत्सव महाराज ने कहा कि प्रत्येक मानव के अन्दर भगवान है जब श्रद्धालु परिक्रमा लगाता है तो उसके साथ भगवान भी परिक्रमा लगाते हैं परमात्मा से एकाकार के लिये यज्ञ की यथाशक्ति परिक्रमा का महत्व है.

परिक्रमा के साथ मानव अपनी मनोकामना पूर्ण होने के लिये पीले साबूत चावलों को साथ में रख ले और दक्षिणा के साथ सोम यज्ञ में सोम कलश पर अर्पण करे उसकी समस्त मनोकामना पूर्ण होंगी. शनिवार को यज्ञ के तृतीय दिन यज्ञ में पीथ चावल की वर्षा के साथ लगभग 200 मनोरथी यज्ञ में आहूति देंगे.

राजधानी में सोम यज्ञ का आयोजन लोगों की सुख समृद्धि के लिए किया जा रहा है. अनादिकाल से यज्ञ का हमारे देश में बड़ा महत्व रहा है. सोम यज्ञ में रोज काफी संख्या में लोग यज्ञ के पुण्य का लाभ ले रहे हैं.
भगवान दास सबनानी,
आयोजक सोम यज्ञ

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