sensexमुंबई,  ब्रिटेन के यूरोपीय संघ में शामिल रहने या निकलने पर होने वाले जनमत संग्रह का प्रचार अभियान स्थगित होने से विदेशी बाजारों में लौटी तेजी से स्थानीय स्तर पर निवेशकों की मजबूत लिवाली की बदौलत आज सेंसेक्स और निफ्टी गुरुवार की भारी गिरावट से उबरते हुये तेजी पर बंद हुये।

बीएसई का 30 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 100.45 अंक अर्थात् 0.38 फीसदी उछलकर 26,625.91 अंक और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का निफ्टी 29.45 अंक यानी 0.36 प्रतिशत बढ़कर 8,170.20 अंक पर बंद हुआ। सेंसेक्स की 15 कंपनियों में तेजी जबकि शेष 15 में गिरावट दर्ज की गई।

यूरोपीय संघ समर्थक और लेबर पार्टी सांसद जो कॉक्स की हत्या के बाद ब्रिटेन के संघ में शामिल रहने या नहीं रहने के लिए 23 जून को होने वाले जनमत संग्रह का प्रचार अभियान स्थागित कर दिया गया है। इससे विदेशी बाजारों में आई तेजी से घरेलू स्तर पर भी निवेशधारणा मजबूत रही। ब्रिटेन का एफटीएसई शुरुआती कारोबार में 1.26 प्रतिशत चढ़ गया। जापान का निक्की 1.07, हांगकांग का हैंगसैंग 0.66, दक्षिण कोरिया का कोस्पी 0.07 और चीन का शंघाई कंपोजिट 0.43 फीसदी मजबूत रहा।

शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 128.39 अंक की तेजी के साथ 26,653.85 अंक पर खुला और मजबूत लिवाली के बल पर कुछ देर बाद ही 26,730.55 अंक के उच्चतम स्तर पर पहुँच गया। बिकवाली होने से यह दोपहर बाद 26,538.51 अंक के न्यूनतम स्तर पर आ गया। हालाँकि, सँभलते हुये अंत में यह पिछले दिवस के 26,525.46 अंक की तुलना में 100.45 अंक चढ़कर 26,625.91 अंक पर बंद हुआ।

निफ्टी भी 35.9 अंक बढ़कर 8,176.65 अंक पर खुला। लिवाली की बदौलत थोड़ी देर बाद इसने 8,195.25 अंक के उच्चतम स्तर को छुआ। बिकवाली के दबाव में दोपहर बाद यह 8,135.80 अंक के निचले स्तर पर आ गया। अंत में गत दिवस के 8,140.75 अंक के मुकाबले 29.45 अंक ऊपर 8,170.20 अंक पर रहा।
बीएसई का मिडकैप 0.05 फीसदी उतरकर 11,359.06 अंक पर आ गया। हालाँकि, छोटी कंपनियों में तेजी रही। स्मॉलकैप 0.29 फीसदी की बढ़त लेकर 11,435.16 अंक पर रहा।

इस दौरान तेल एवं गैस, पूँजीगत वस्तुयें और स्वास्थ्य समूह की 0.78 फीसदी तक की गिरावट को छोड़कर बीएसई के शेष 17 समूहों में तेजी का रुख रहा। रियल्टी समूह ने सर्वाधिक 3.51 फीसदी का मुनाफा कमाया। बीएसई में कुल 2768 कंपनियों के शेयरों में कारोबार हुआ। इनमें 1,268 के भाव चढ़े जबकि 1,308 के गिर गये। 192 कंपनियों के शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ।

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