26as30भोपाल,26 अप्रैल.ऊर्जा एवं जनसंपर्क मंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा है कि आदर्श समाज की स्थापना के लिये गीता के उपदेशों को व्यावहारिक जीवन में उतारने की आवश्यकता है.उन्होंने दुनिया में भारत की पहचान आध्यात्मिक शक्ति के रूप में कायम रखने के लिये युवा पीढ़ी द्वारा गीता का सतत अध्ययन करने की जरूरत है.

वह लाल परेड ग्राउण्ड पर गीता फेस्ट-2015 को संबोधित कर रहे थे.कार्यक्र ्रम में महा मण्डलेश्वर हरिहरानंद ने श्रीमदभगवत् गीता और विद्यार्थी विषय पर मुख्य वक्तव्य दिया.

उपदेशों का अध्ययन हो
महा मण्डलेश्वर हरिहरानंद ने कहा कि विद्यार्थियों को नियमित रूप से गीता के उपदेशों का अध्ययन करवाना चाहिये.उन्होंने कहा कि भारत के स्वतंत्रता संग्राम में गीता प्रेरणा-पुँज रही है.इससे प्रेरित होकर युवाओं एवं भारतीयों ने जान की परवाह किये बगैर देश की आजादी के लिये संघर्ष किया.

भारत की प्राचीन गौरवशाली संस्कृति की चर्चा करते हुए उन्होंने गीता को देश के श्रेष्ठ ग्रंथों में से एक माना.कार्यक्रम को अनूपपुर के विधायक रामलाल रोतेल एवं भगवतीशरण माथुर ने भी संबोधित किया.

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