भोपाल,

आज भोपाल की सडक़ो में यह सकल्ंप लेकर उतरे कि माँ-बेटियों का अपमान नहीं सहेगे, अगर कोई बदमाश बेटियों पर कमेन्ट करता है, तो क्या उसका मानवाधिकार होना चाहिए, नहीं गुडों और बदमाशों के कोई मानवाधिकार नहीं.

कई बार जब पुलिस अपराधियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करती है, तो आवाज़ें भी उठती हैं कि क्या ये पुलिस के अधिकार हैं, मैं कहना चाहता हूँ कि माँ, बहनों की रक्षा हेतु पुलिस के हाथों में सर्वाधिकार सुरक्षित हैं.

जो असामाजिक तत्व हैं, उनके अवैध अतिक्रमण ध्वस्त कर दो. समाज में वे सम्मान के साथ जी न पायें, ऐसी कार्रवाई ज़रूरी है. उनके हौसलों को तोड़ दो. बहन और बेटियों की सुरक्षा के लिए ज़ीरो टॉलरेन्स की नीति हम अपनायेंगे, किसी अपराधी को नहीं छोड़ेंगे और इस कार्रवाई में जनता का साथ चाहिए.

यह बात आज मुख्यमंत्री शिवराज द्वारा भोपाल में आयोजित वॉक अ कॉज़ फ्लैग ऑफ में कही गई,भोपाल के वीआईपी रोड पर महिला अपराध पर अंकुश और महिला सशक्तिकरण के लिए पुलिस प्रशासन के व्दारा सामूहिक मॉर्निंग वॉक का आयोजन किया गया. वॉक ए कॉज के तहत शुक्रवार सुबह मॉनिंग वॉक की शुरुआत 6:30 बजे से राजा भोज सेतु से शुरू की गई.

इसमें कार्यक्रम में हजारों की तादाद मे महिलाएं, लड़कियां और भोपालवासी शामिल हुये. कार्यक्रम की शुरुआत मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने हरी झण्डी दिखाकर की, भोपालवासियों को संबोधित करते हुए सीएम ने कहा कि आज भोपाल में समाज के हर वर्ग के लोग सडक़ों पर निकले हैं, इस संकल्प के साथ कि माँ, बहन, बेटी का सम्मान, हमारा सम्मान है, इसलिए अब उनका अपमान न सरकार बर्दाश्त करेगी और न समाज सहन करेगा.

यह समाज की भी जिम्मेदारी है कि बेटियों की रक्षा करे और बेटों को संस्कार दे, बचपन से ही हम बेटों में ऐसे संस्कार डालें कि वो बेटियों की इज्ज़त करना सीखें. मेरी बेटियों तुम चिंता मत करो, तुम्हारे साथ पूरा भोपाल, पूरा मध्यप्रदेश है. आज एक विडवना है कि अगर बेटी नही बचाओगे, तो बहू कहां से लाओगे.

बेटियों की सुरक्षा के लिए सर्वाधिकार पुलिस के पास

बेटियों की सुरक्षा के लिए सर्वाधिकार पुलिस के हाथों में हैं. पिछले दिनों जो भी घटनाएं हुई हैं, उसमें मैंने साफ कहा कि गुंडों का मनोबल तोड़ दें. अपराध के मामले में हम जीरो टॉलरेंस की नीति ही अपनाएंगे. किसी कीमत पर गुंडों को बख्शा नहीं जाएगा.

किसी भी अपराधी या गुंडे का कोई मानव अधिकार नहीं होता है. पिछले दिनों हमने मध्यप्रदेश विधानसभा में विधेयक पारित किया कि जो मासूम बेटियों के साथ व्यभिचार करे, उसे फाँसी के फंदे पर लटका दिया जाये. मृत्युदण्ड से कम कुछ नहीं होना चाहिए, और इसके लिए हमने राष्ट्रपति से कहा है कि वो जल्द इसको लागू कर दे.

कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य महिला अपराध के प्रति जीरो टॉलरेंस के लिए जनजागृति लाना और समाज को और अधिक संवेदनशील बनाना था. मॉर्निंग वॉक के दौरान यह संदेश दिया गया कि महिलाओं की सुरक्षा के लिए सब सजग रहें और अपने कर्तव्य का निर्वहन करें.

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