jairamनई दिल्ली,   कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के गुजरात का मुख्यमंत्री रहते हुए सरकारी कंपनी गुजरात स्टेट पेट्रोलियम कार्पोरेशन-जीएसपीसी में 19700 करोड़ रुपए का घोटाला होने का आरोप लगाते हुए इसकी जांच सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश से कराने की मांग की है.

कांग्रेस प्रवक्ता जयराम रमेश ने आज यहां पार्टी की नियमित प्रेस ब्रीफिंग में कहा कि केन्द्र सरकार बैंकों के 9000 करोड़ रुपए नहीं लौटने वाले विजय माल्या के प्रति सख्ती बरत रही है और जीएसपीसी के घोटाले को अनदेखा कर रही है, क्योंकि इसकी जांच प्रधानमंत्री के दरवाजे तक पहुंचती है.

उन्होंने कहा कि गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री मोदी के शासन काल में जीएसपीसी ने 15 सरकारी बैंकों से 19700 करोड़ रुपए का कर्ज लिया था, जिसके कारपोरेशन को ब्याज के रूप में 1800 करोड़ रुपए प्रति वर्ष चुकाने थे, जबकि कारपोरेशन की कुल आमदनी 80 करोड़ रुपए प्रतिवर्ष है. रमेश ने आरोप लगाया कि यह घोटाला है और तत्कालीन मुख्यमंत्री की जानकारी के बिना सरकारी कंपनी इतना बड़ा कर्ज नहीं ले सकती थी.

कंपनी को गैस खनन के कार्य में निवेश करना था और इसके लिए अनुभवहीन तथा गुमनाम कंपनियों के साथ समझौते किए गए. रमेश ने कहा कि इस मामले में चूंकि प्रधानमंत्री का नाम आ रहा है, इसलिए इसकी जांच उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश से करानी चाहिए. उन्होंने इस संदर्भ में प्रथम प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू का उल्लेख करते हुए कहा कि उस समय एक मामले में एक केंद्रीय मंत्री का नाम आने पर उन्होंने उसकी जांच उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश से कराई थी.

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