गांधीनगर,

गुजरात विधानसभा के लिए पहले चरण में दक्षिण और सौराष्ट्र-कच्छ क्षेत्र के 19 जिलों की 89 सीटों पर आज सुबह आठ बजे से शुरू हुआ मतदान शाम पांच बजे समाप्त हो गया पर निर्धारित अवधि पूरी होने के बाद भी कई बूथ पर मतदाताओं की कतारें लगी थी और नियमानुसार इनके वोट देने के बाद ही इवीएम मशीनों को सील किया जायेगा।

शुरूआती अनुमान के अनुसार औसत 65 प्रतिशत से अधिक मतदान हुआ है।उधर कांग्रेस की ओर से पोरबंदर में तीन बूथ पर इवीएम के ब्लू टूथ से जुडे होने की शिकायत पर जांच के बाद पाया गया कि बहुजन समाज पार्टी के प्रत्याशी के पोलिंग एजेंट के पास मौजूद फोन के ब्लू टूथ के चालू रहने के से यह गफलत हुई।

आमोद सीट के अछोद गांव में एक मतदाता ने उसका वोट दूसरे प्रत्याशी के खाते में जाने की शिकायत की पर उसने टेस्ट वोट में भाग लेने से इंकार कर दी और वहां से चला गया। कांग्रेस ने चुनाव आयोग से कई शिकायतें की हैं इनमें मुख्यमंत्री विजय रूपाणी के जो स्वयं प्रत्याशी है के मतदान के दौरान अहमदाबाद में संवाददाता सम्मेलन करने को आचार संहिता का उल्लंघन बताते हुए की गयी शिकायत भी है।

गुजरात के चुनावी दौरे पर आये प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की चुनाव के दौरान सभाओं के टीवी चैनलों पर सीधे प्रसारण पर भी रोक की मांग की गयी थी पर मतदान की समाप्ति तक ऐसा होता रहा। पार्टी ने एक बूथ पर कांग्रेस प्रत्याशी का बटन कथित तौर पर काम नहीं करने और भावनगर के एक बूथ पर जानबूझ कर मतदान धीमा कराने की शिकायत की।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी बी बी स्वेन ने कहा कि सभी शिकायतों की जांच करायी जा रही है।
पहले दो घंटे में अपेक्षाकृत सुस्तरफ्तारी के बाद वोटिंग में तेजी आ गयी। आधिकारिक आंकड़े देर शाम तक जारी होंगे लेकिन शुरूआती अनुमान के अनुसार मतदान का औसत प्रतिशत 65 से अधिक है।
पहले दो घंटे में मात्र औसत 13. 38 प्रतिशत मतदान हुआ था जिसमें बाद में तेजी आयी।

दोपहर दो बजे तक आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार 45. 65 प्रतिशत मतदान हुआ था। उसी समय तक चार जिलों मोरबी, तापी, नवसारी, डांग में 50 प्रतिशत से अधिक मतदान हो चुका था। कांग्रेस के पोरबंदर सीट के प्रत्याशी सह पार्टी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अर्जुन मोढवाडिया ने आरोप लगाया था शारदानगर के तीन बूथ पर इवीएम ईसीओ गुजरात नाम के ब्लूटूथ से जुड़े थे।

कार्यकर्ता ने इसका स्क्रीन शॉट भी लिया है। अगर सारे इवीएम के साथ ऐसा है तो यह बड़ी धांधली की ओर इशारा है। इस बारे में आयोग से शिकायत की गयी है। उधर आयोग ने जांच के बाद इसे बसपा के पोलिंग एजेंट के फोन के ब्लू टूथ से जुड़ी बात बतायी।

इस बीच उपलेटा गांव में राज्य की सबसे उम्रदराज महिला 126 साल की अजीबेन ने वोट डाला जबकि गिर सोमनाथ जिले के गिर जंगल के भीतर बानेज में केवल एक मतदाता वाले मतदान केंद्र पर स्थानीय मंदिर के महतं भरतदास ने भी मतदान किया।

मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने यहां पत्रकारों से कहा कि हार सामने देख कर इवीएम में गड़बड़ी के आरोप लगाये जा रहे हैं। ये आरोप मतगणना के बाद और जोर शोर से लगाये जायेंगे।पहले चरण में स्वयं मुख्यमंत्री विजय रूपाणी और 22 साल से राज्य में सत्तारूढ भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष जीतू वाघाणी समेत कई दिग्गजों की प्रतिष्ठा दांव पर लगी है।

सुबह से ही कई स्थानों पर मतदाताओं की लंबी कतारें हैं। श्री रूपाणी ने मतदान के लिए निकलने से पहले राजकोट के मंदिर में पूजा की और लोगों लोकतंत्र के इस पर्व में बड़ी से बड़ी संख्या में भाग लेने की अपील की। आज राज्य में ही दूसरे चरण के लिए प्रचार कर रहे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भी लोगों से अधिक से अधिक संख्या में मतदान करने की अपील की है।

कुछ जगहों पर इवीएम में तकनीकी गड़बड़ी के चलते मतदान शुरू होने में विलंब हुआ। जामनगर के सोरठी तथा ध्रोल के गज्जडी समेत कुछ अन्य स्थानों पर लोगों के स्थानीय मुद्दों को लेकर मतदान का बहिष्कार करने की भी सूचना है।

सुबह जल्दी मतदान करने वाले प्रमुख राजनेताओं में श्री रूपाणी, श्री वाघाणी के अलावा कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के राजनीतिक सचिव अहमद पटेल, पूर्व अध्यक्ष अर्जुन मोढवाडिया, मंत्री बाबू बोखिरिया, गणपत वसावा , केंद्रीय मंत्री पुरूषोत्तम रूपाला आदि शामिल थे। इसके अलावा क्रिकेटर चेतेश्वर पुजारा ने भी राजकोट में मतदान किया। बाद में पूर्व मुख्यमंत्री केशुभाई पटेल ने भी राजकोट के मारूतिनगर में वोटिंग की।

2012 के पिछले चुनाव में (बीच में हुए कुछ उपचुनावों को छोड़) भाजपा ने इनमें से 63, कांग्रेस ने 22, बाद में भाजपा में विलय करने वाली केशुभाई पटेल की गुजरात परिवर्तन पार्टी ने दो, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी तथा जदयू ने एक एक पर जीत हासिल की थी।

सौराष्ट्र क्षेत्र के 11 जिलों की 49 सीटों में से भाजपा ने 31 कांगेस ने 15, राकांपा ने एक और गुपपा ने दो, दक्षिण गुजरात के सात जिलों की 34 में से 27 पर भाजपा, छह पर कांग्रेस और एक पर जदयू तथा कच्छ जिले की छह में से पांच पर भाजपा और एक पर कांग्रेस ने जीत हासिल की थी।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह गृह राज्य में हो रहे चुनाव को इस बार श्री मोदी और श्री शाह के अलावा राज्य के ताबड़तोड़ चुनावी दौरे कर रहे और जल्द ही कांग्रेस अध्यक्ष पद संभालने जा रहे राहुल गांधी के बीच प्रतिष्ठा की सीधी जंग माना जा रहा है।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी बी बी स्वैन ने बताया कि शांतिपूर्ण मतदान के लिए अर्धसैनिक बलों समेत कुल मिला कर पौने दो लाख सुरक्षाकर्मी तैनात किये गये थे। इसके अलावा मतदान कार्य में 2. 41 लाख कर्मी भी लगाये गये थे। पहले चरण के लिए बनाये गये 24689 मतदान केंद्रो पर वीवीपैट के जरिये मतदान हुआ।

पहले चरण में 57 महिलाओं समेत कुल 977 उम्मीदवार मैदान में हैं। सत्तारूढ भाजपा ने सभी 89 सीटों पर जबकि मुख्य विपक्षी कांग्रेस ने 87 सीटों पर प्रत्याशी उतारे हैं। बसपा ने 64, सपा ने चार, शंकरसिंह वाघेला के जन विकल्प मोर्चा ने 48, आप ने 21, जदयू ने 14, राकांपा ने 30 और शिवसेना ने 25 प्रत्याशी उतारे हैं। 443 निर्दलीय हैं।

पहले चरण में प्रमुख चेहरों में राजकोट पश्चिम सीट से मुख्यमंत्री श्री रूपाणी, भावनगर पश्चिम से भाजपा प्रदेश अध्यक्ष जीतू वाघाणी, पोरबंदर से भाजपा के बाबू बोखिरिया तथा कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अर्जुन मोढवाडिया तथा मांडवी से कांग्रेस के शक्तिसिंह गोहिल शामिल हैं।

कुल 182 सीटों वाली विधानसभा की शेष 93 सीटों (उत्तर और मध्य गुजरात के 14 जिलों की) पर दूसरे और अंतिम चरण में 14 दिसंबर को चुनाव होगा। मतगणना 18 दिसंबर को होगी।क्षेत्रफल के हिसाब से सबसे छोटा क्षेत्र कारंज जबकि सबसे बड़ अब्डासा है।

वोटरों की संख्या के लिहाज से सूरत उत्तर सबसे छोटा तथा कामरेज सबसे बड़ा है। राज्य के कुल 4.35 करोड में से 2. 12 करोड मतदाता पहले चरण में वोट डालेंगे। इनमें 1. 11 करोड़ पुरूष हैं। पचास प्रतिशत वोटर 40 प्रतिशत से कम उम्र के हैं।

पहले चरण में जिन जिलों में चुनाव हो हुआ उनमें कच्छ, सुरेन्द्रनगर, राजकोट, मोरबी, जामनगर, देवभूमि-द्वारका, पोरबंदर, गिर-सोमनाथ, जूनागढ़, अमरेली, भावनगर, बोटाद (11 जिले सौराष्ट्र क्षेत्र के) तथा नर्मदा, भरूच, तापी, सूरत, नवसारी, वलसाड, डांग (सातों दक्षिण गुजरात के) शामिल हैं।

दूसरे चरण में शेष 14 जिलों की 95 सीटों पर 14 दिसंबर को मतदान होगा। मतगणना 18 दिसंबर को होगी।ज्ञातव्य है कि दो चरण में ही हुए पिछले चुनाव के पहले चरण में सौराष्ट्र-कच्छ और दक्षिण गुजरात की 87 सीटों पर 70 प्रतिशत से अधिक मतदान हुआ था। दोनो चरणों को मिलाकर 71 प्रतिशत से अधिक का रिकार्ड मतदान हुआ था।