mp2रतलाम,  सैलाना और धामनोद के बीच स्थित गोवर्धन सागर तालाब में किसानों और नगर पंचायत सैलाना में तनातनी फिर बढ़ गई है।

सोमवार को धामनोद के किसान, जलउपभोक्ता समिति के सदस्य एवं कांग्रेस के जिलाध्यक्ष प्रभु राठौर ने कलेक्टर बी. चंद्रशेखर को मिलकर तालाब से सैलाना नगर पंचायत को पानी देने पर रोक लगाने की मांग की। किसानों ने कलेक्टर को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा और सैलाना नगर पंचायत के सीएमओं गलत जानकारी देकर प्रशासन को गुमराह करने और तालाब को हड़पने का षडय़ंत्र रचने का आरोप लगाया। किसानो ने कहा कि लाखों रूपए कर्ज लेकर फसल लगाई है अगर वर्तमान में फसलो को पानी नही मिला तो किसान बर्बाद हो जाएंगे। किसाानों ने तालाब से अपने खेत तक उक्त पानी प्राप्त करने के लिए मध्यप्रदेश विद्युत वितरण कंपनी से नियमानुसार राशि प्राप्त कर कनेक्शन दिये गए हैं।

हो रही पानी की चोरी- किसानों ने ज्ञापन में कहा कि 26 अक्टूबर को जिला जल उपभोक्ता समिति की बैठक में गोवर्धन सागर तालाब से सैलाना नगर पंचायत को पानी देने का विरोध प्रकट किया गया था, जिस पर कलेक्टर ने समिति गठन के निर्देश जल संसाधन विभाग को दिए थे। किसानों का कहना है कि सैलाना नगर पंचायत भी पानी की चोरी कर रही है, उनके पास दिसम्बर से जून तक का अनुबंध है इसके बावजूद वर्ष भर वो पानी ले रहे है।

सैलाना नगर पंचायत के पास स्वयं के स्त्रोत तैयार करने के लिए शासन द्वारा 4 करोड़ 85 लाख की राशि की स्वीकृत की गई है और प्रथम किश्त नगर पंचायत को मिलने के बावजूद निर्माण नही करवाया जा रहा है। किसानो ने आरोप लगााया कि नगर पंचायत सैलाना की जनता के साथ भी धोखा कर रही है। किसानों ने सीएमओं के खिलाफ कार्रवाई की माग करते हुए पानी सिंचाई के लिए देने की मांग की। कार्रवाई नहीं होने पर अनशन और जल सत्याग्रह की चेतावनी दी है।

धामनोद को नहीं तो सैलाना
को क्यों दे रहे पानी
धामनोद नगर पंचायत में पेयजल की समस्या उत्पन्न होने पर सिचाई विभाग से 12 नवम्बर 2014 को अनुमति मांगी थी जो यह कह कर नहीं दी गई की यह पानी कृषकों की सिचाई के लिए है।
नगर पचायत धामनोद ने 29 अप्रेल 2015 को पुन: पेयजल के लिए पानी की मांग की थी लेकिन दोबारा मना कर दिया गया। किसानो ने एंव जिला कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि जब धामनोद नगर की राजस्व सीमा में स्थित तालाब से नगर पंचायत को पानी नही दिया जा रहा है तो सैलाना नगर पंचायत को पानी देना कहां न्यायसंगत है।