भोपाल,

इस संग्रहालय के विकास में वैज्ञानिक पद्धति का उपयोग किया गया. इथोनो-आर्कियोलॉजी के क्षेत्र में सीखने के लिए यह शोध का केंद्र है.

यह बात इन्दिरा गांधी राष्ट्रीय मानव संग्रहालय में कोट्टन विश्वविद्यालय, गुवाहाटी के पुरातत्व-शास्त्र विभाग के विद्यार्थियों का विशेष संग्रहालय भ्रमण व अवलोकन कार्यक्रम में कोट्टन विश्वविद्यालय के प्रो. मंजिल हाजारीका ने कही, कार्यक्रम के प्रारंभ में संग्रहालय के अधिकारी डॉ. सूर्य कुमार पांडे सभी छात्र-छात्राओं को संग्रहालय के महत्व के बारे में बताया, तत्पश्चात संग्रहालय का परिचयात्मक फिल्म का प्रदर्शन किया गया. कोट्टन विश्वविद्यालय व्दारा निदेशक एवं संयुक्त निदेशक को असम पांरपरिक गमछा और जापी (बांस की टोपी) भेंट कर सम्मान किया गया.

इस अवसर पर संग्रहालय के निदेशक, प्रो. सरित कुमार चौधरी ने इन विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए उन्होंने उत्तर पूर्वीय राज्यो में शिक्षा के क्षेत्र में किए गए कार्यों एवं अन्य विषय विशेषज्ञों द्वारा किए गए कार्यों के बारे में विस्तार से जानकारी दीं. साथ ही कहा कि आज के डिजिटल युग में स्मार्ट फोन के साथ आप सोशल मिडिया से जुड़ कर अपनी जानकारी अद्यतन कर सकते है.

संग्रहालय से जुडने के लिए आप फेसबुक में हमारे पेज को लाईक कर सकते है. इसके बाद संग्रहालय के वरिष्ठ अधिकारीयों द्वारा शैलाकला मुक्ताकाश प्रदर्शनी का विधार्थियों को भ्रमण करवाया गया.