bpl3भोपाल,  आठ साल की उम्र में गजब का नॉलेज. किसी भी राज्य के नेताओं, कलेक्टर के नाम सब कुछ याद है. किसी भी राज्य की राजधानी हो या फिर सामान्य ज्ञान का प्रश्न हर एक का जवाब जैसे उसकी जुबान पर रखा हो.

प्रतिभा किसी उम्र की मोहताज नहीं. ऐसा ही टैलेंटेड है थर्ड क्लास में पढऩे वाली नीरजा निधी गुप्ता का. नीरजा को सामान्य ज्ञान के करीब 35 हजार सवालों के जवाब मुखजबानी याद हैं. नीरजा के नाना नारायण गुप्ता जो पेशे से टाईपिस्ट हैं वो बताते हैं की नीरजा तीन वर्ष की उम्र में करीब दो सौ सवालों के जवाब जानने लगी थी. तो उनको लगा की इसको तराशना चाहिए. जब से आज तक नीरजा रोज नई-नई चीजें सीखती हैं. उसके नाना उसे नई-नई जानकारियां देते रहते हैं.

नीरजा को सौ से ज्यादा देशों की राजधानी, उनके नाम व वहां की करेंसी तक का पता है. भारत के सभी सासंद और कैबिनेट मंत्रियों के नाम और सभी जिलों के नाम याद हैं.

नीरजा सामान्य परिवार से है. वह सिंदराबाद के की सांई स्कूल में पढ़ती हैं. वह सुबह जल्दी उठकर पढ़ती है और नाना के साथ बाहर घूमने जाती है. अपनी तोतली आवाज से उसकी मासूमियत का पता चलता है.

उसको लैपटॉप चलना अच्छा लगता है वह उससे ड्राइंग व पेटिंग बनाती है. शाम को टीवी देखना उसको बहुत पसंद है. डोरेमान नामक सबसे प्रिय किरदार है. उससे जब पूछा गया की तुम क्या बनोगी, तो उसने कहा कि भारत की राष्टï्रपति बनूंगी. क्यों बनना चाहती हो तो वह अपनी तुतलाते हुई कहती है कि राष्टï्रपति की बहुत सारी फाइलों में साइन करने से राइङ्क्षटग अच्छी होगी.

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